आपबीती
अनुराग कुमार सिंह, एमबीबीएस सेकेंड ईयर, उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी, यूक्रेन (स्थानीय निवासी कुसम्ही बाजार, गोरखपुर) ने बताया कि तीन दिनों तक डर और भय के माहौल में रात गुजरी। उजहोरोड सिटी में हम थे, वहां हमले का असर कम था। लेकिन, रात में जब लड़ाकू विमान गरजते हुए गुजरती थीं तो एक बार रूह कांप जाती थी। शुक्रवार को तो बमबाजी भी हुई।
हम सभी लोग उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में थे। हॉस्टल से बाहर निकलना मना था। सिटी में शाम सात बजे से सुबह दस बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया था। हॉस्टल में रहने के कारण खाने-पीने की दिक्कत नहीं हुई। यूक्रेन से हंगरी तक जाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बस की व्यवस्था की। सामान कम ले आने की अनुमति थी तो हमने एक बैग में जरूरी सामान रखा लिया।
बाकी लगेज, कॉलेज में ही रखवा दिया था। रविवार की सुबह हम लोग दिल्ली पहुंच गए। किराया नहीं देना पड़ा, सारी व्यवस्था सरकार ने की। वहां से फ्लाइट से गोरखपुर भेजा गया। घर सकुशल आने पर इतनी खुशी है कि बयां नहीं कर सकता। मुझे विश्वास था कि सरकार हमें लाने की व्यवस्था करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत-बहुत धन्यवाद।