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गोरखपुर: चकबंदी लेखपाल काम कराने के लिए 10 हजार रुपये ले रहा था घूस, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा

Sat, 07 Oct 2023 12:02 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र के बुदहट गांव निवासी कौशल कुमार शुक्ल को जमीन चकबंदी से संबंधित आपसी समझौते की पत्रावली निस्तारण के दस्तावेज की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने चकबंदी कार्यालय में संपर्क किया। कई दिन दौड़ाने के बाद लेखपाल ने पत्रावली देने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे।
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कैंट थाने में घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार चकबंदी लेखपाल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में चकबंदी लेखपाल अरविंद राम को शुक्रवार को पत्रावली देने के नाम पर 10 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल को टीम ने कैंट पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। आरोपी को पुलिस ने देर शाम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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जानकारी के मुताबिक, हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र के बुदहट गांव निवासी कौशल कुमार शुक्ल को जमीन चकबंदी से संबंधित आपसी समझौते की पत्रावली निस्तारण के दस्तावेज की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने चकबंदी कार्यालय में संपर्क किया। कई दिन दौड़ाने के बाद लेखपाल ने पत्रावली देने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे। कौशल ने रुपये देने का वादा किया और फिर एंटी करप्शन में शिकायत कर दी। इसके बाद लेखपाल को पकड़ने की योजना तैयार की गई।

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कौशल कुमार शुक्रवार दोपहर में चकबंदी कार्यालय में पहुंचे और लेखपाल अरविंद राम को फोन किया। इसके पहले टीम ने रुपये पर रंग लगा दिया था। लेखपाल के आने पर कौशल ने रुपये दिए। जैसे ही रुपये को लेखपाल ने पकड़ा, वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया। पकड़े जाने के बाद लेखपाल ने फंसाए जाने का आरोप लगाया। आरोपी को टीम ने पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज लिया है। पकड़ा गया लेखपाल अरविंंद राम आजमगढ़ के तरवा थाना क्षेत्र के लोहरपुर गांव का निवासी है।


 
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पहले भी घूस लेने के आरोप में पकड़े गए हैं लोग

  • 06 सितंबर 2019: एंटी करप्शन टीम ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में कार्यरत महिला क्लर्क दीपा प्रियदर्शिनी को 20 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वह नक्शा पास कराने की एवज में घूस मांग रही थी।
  • 18 फरवरी 2021: एंटी करप्शन टीम ने औषधि विभाग में तैनात क्लर्क विकास दीप को 40 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने शाहपुर थाना क्षेत्र के जंगल सिकरी के रहने वाले अनुपम गौड़ से दवा लाइसेंस देने के नाम पर घूस लिया।
  • जुलाई 2022: गोरखपुर के सीएमओ कार्यालय पर दिव्यांग से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पांच हजार रुपये घूस लेने के आरोप में लिपिक सत्यप्रकाश शुक्ल को कोतवाली पुलिस ने शाहपुर में आरोग्य मंदिर के पास गिरफ्तार किया था।
  • 18 जनवरी 2019: पुलिस ऑफिस के बाबू ज्ञानेंद्र सिंह को एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेने के आरोप में पकड़ा था। वह चिकित्सा प्रतिमूर्ति के लिए रुपये की मांग कर रहा था।
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