आरोप है कि कुछ मनचले युवक स्कूल जाते-आते कुछ छात्राओं को रोकने की कोशिश भी कर चुके हैं। कुछ दिनों तक छात्राओं ने लोकलज्जा की डर से यह बातें किसी से नहीं बताई, लेकिन शोहदों का आतंक और बढ़ता गया तो छात्राओं ने इसकी जानकारी अपने परिजनों व स्कूल के प्रबंधक को दी।
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प्रबंधक ने शोहदों के अभिभावकों से मिलकर पूरी घटना से उन्हें अवगत कराया तो अभिभावकों ने आश्वस्त किया कि इसके बाद ऐसी शिकायतें नहीं आएंगी। एक सप्ताह तक शोहदे शांत रहे लेकिन फिर उनकी वही हरकत शुरू हो गई, जिससे छात्राओं ने विद्यालय के प्रबंधक से सारी बातें बताते हुए स्कूल आने में असमर्थता जताई जिस पर प्रबंधक ने इसकी तहरीर थाने पर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।