फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DDU News: हंगामे के बीच परास्नातक कक्षाओं में सीबीसीएस पैटर्न लागू करने पर लगी मुहर

Sat, 30 Jul 2022 10:28 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने का निर्देश शासन स्तर से मिला है। इसे लेकर 16 जुलाई को आयोजित संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों की बैठक में बोर्ड ऑफ स्टडीज और संकाय की बैठक कराकर परास्नातक कोर्स के प्रारूप को अनुमोदित कराने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। परिषद के तीन सदस्यों ने एजेंडे की पूर्व सूचना न देने का आरोप लगाया, साथ ही कुछ और मुद्दे उठाने की कोशिश की। जिस पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत परास्नातक कक्षाओं में सीबीसीएस पैटर्न को लागू करने के प्रस्ताव पर सदस्यों ने सहमति देकर मुहर लगा दी। अब इसे कार्य परिषद की बैठक में रखा जाएगा।

कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने का निर्देश शासन स्तर से मिला है। इसे लेकर 16 जुलाई को आयोजित संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों की बैठक में बोर्ड ऑफ स्टडीज और संकाय की बैठक कराकर परास्नातक कोर्स के प्रारूप को अनुमोदित कराने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन


इन प्रस्तावों को बोर्ड ऑफ स्टडीज और संकाय की बैठक में स्वीकृति कराने के बाद आज विद्या परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। बैठक के दौरान संकायाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों के कोर्स के प्रारूप को विद्या परिषद के समक्ष रखा। जिसे सर्वसम्मति से सहमति प्रदान की गई।

इसके साथ बैठक के दौरान शासन के निर्देश पर संकायों के पुनर्गठन पर भी चर्चा हुई। विद्या परिषद ने संकायों के पुनर्गठन पर शासन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया।

 

विज्ञापन

सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करेगा विवि प्रशासन

विद्या परिषद की बैठक में प्रो. कमलेश गुप्त, प्रो. चंद्र भूषण अंकुर व एक और सदस्य ने एजेंडे के अलावा भी कुछ गैर शैक्षणिक मुद्दे उठाने की कोशिश की, जिसका अन्य सदस्यों ने विरोध किया। सदस्यों का कहना था कि विद्या परिषद के एजेंडे की जानकारी नहीं दी गई है। जबकि, इसकी सूचना एक महीने पहले दी जानी चाहिए। एक सदस्य ने प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की, जिसे ठुकरा दिया गया। विवि प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि तीन सदस्यों द्वारा बिना अध्यक्ष की अनुमति के एजेंडे में शामिल विषय के अलावा गैर-शैक्षणिक मुद्दों को उठाने की कोशिश की गई। एक महीने पहले ही सदस्यों को तिथि व एजेंडे की जानकारी दी गई थी। इन सदस्यों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

ये हुए अहम बदलाव
सीबीसीएस पाठ्यक्रम के तहत परास्नातक की कक्षाओं में अब विद्यार्थियों को कोर कोर्स के अलावा वैकल्पिक कोर्स के चयन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट वर्क, रिसर्च मैथालॉजी, यूनिफॉर्म कोडिंग को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें