108 और 102 एंबुलेंस प्रतिदिन 350 से अधिक मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाते हैं। प्रतिदिन इन एंबुलेंसों के लिए 350 से अधिक मरीजों की कॉल आती है। सोमवार को 350 से अधिक लोगों ने कॉल की थी। इनमें केवल आठ से 10 गंभीर श्रेणी के मरीजों को ही 108 एंबुलेंस चालकों ने पहुंचाया। अन्य के कॉल रिसीव नहीं हो सके।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस चालकों ने किया प्रदर्शन
पांच सूत्री मांगों के संबंध में एंबुलेंस कर्मियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। देर रात तक मांग पूरी न होने पर एंबुलेंस कर्मी मुरारी इंटर कॉलेज परिसर में डटे हैं। जिले के 106 एंबुलेंस चालक व ईएमटी नारेबाजी करते रहे। हड़ताल के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हलचल है। सोमवार को पूरे दिन स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल रहीं। मरीजों को एंबुलेंस सुविधा न मिलने पर निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा है।
एंबुलेंस चालक जिलाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि एलएस पर कार्यरत सभी चालकों को कंपनी बदलने पर बहाल रखा जाए। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी तरह की कटौती न की जाए। नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन कर एंबुलेंस संचालन भी स्वास्थ्य विभाग करे। जिससे कंपनी बदलने पर नौकरी सुरक्षित रहे। प्रदर्शन करने वालों में राजकुमार, शैलेश कुमार, उमेश यादव, राजाराम, आर मुहम्मद, सदर यादव, पवन सिंह, इंद्रजीत, विकास तिवारी, शिवम त्रिपाठी, सनोज कुमार, महादेव तिवारी, प्रदीप यादव, शुभम कुमार, उमाकांत, मार्कण्डेय, दिलीप विश्वकर्मा, योगेंद्र कुमार, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह आदि शामिल रहे।