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अमर उजाला पड़ताल: हर ओर गंदगी, एसी खराब, शौचालय का इस्तेमाल करना भी संभव नहीं

Tue, 12 Apr 2022 01:44 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मरीजों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे पा रहा जिला महिला अस्पताल प्रबंधन, रोजाना हजारों की तादात में महिलाएं अपना इलाज कराने पहुंचती हैं।
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गोरखपुर जिला महिला अस्पताल की हालत खराब। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल प्रबंधन बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया नहीं करा पा रहा है। विभिन्न वार्डों के एसी खराब पड़े हैं। इस कारण गर्मी में मरीज और तीमारदार परेशान हो रहे हैं। ज्यादा दिक्कत साथ आने वाले छोटे बच्चों को हो रही है।

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गर्मी में प्यास लगे तो वाटर कूलर के पास गंदगी देखकर पानी पीने की हिम्मत नहीं होगी। शौचालय में गंदगी इतनी है कि उसे इस्तेमाल किया ही नहीं जा सकता। रोजाना हजारों मरीजों का इलाज करने वाले जिला महिला अस्पताल की सोमवार को पड़ताल की गई तो अस्पताल प्रबंधन की साफ-सफाई व बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों की कलई उतर गई। दुर्गंध के कारण गर्भवती महिलाओं का अस्पताल में खड़े होना भी दूभर हो रहा था। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।

प्रतिदिन ओपीडी - 450
डॉक्टर - 28
बेड - 280 इसमें से 100 बेड एसी वाले हैं। आठ बेड प्राइवेट एसी वाले हैं।   
एसएनसीयू -08 बेड
प्रतिदिन प्रसव -15 (छह सामान्य और नौ सीजेरियन)
ओटी -07
वाटर कूलर -03

 

 

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बोलीं महिलाएं

गंदगी की है भरमार
अस्पताल में गंदगी की भरमार है। पंखा नाम मात्र की हवा देता है। एसी महज खानापूरी कर रहा है। तीन दिन से सोए नहीं हैं। जच्चा-बच्चा दोनों को लेकर घर जाएंगे तो सुकून से सोएंगे। - शकुंतला पांडेय, शाहपुर

पानी पीने की नहीं होती हिम्मत
सीएम सिटी के महिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं हैं। वॉटर कूलर के पास गंदगी की भरमार है। कई बार पानी पीने के लिए गए पर गंदगी देखकर हिम्मत नहीं हुई। बाजार और घर से पानी मांगा कर काम चला रहे हैं। - नेहा देवी, लाल डिग्गी

बाहर जाकर करते हैं शौचालय का इस्तेमाल
शौचालय में फैली गंदगी से दम घुट रहा है। बाहर के शौचालय में जाना पड़ता है। मेरी भाभी गर्भवती हैं दो बार शौचालय के अंदर की गंदगी व बदबू से उल्टी कर चुकी हैं। मजबूरी है, उन्हें लेकर बाहर भी नहीं जा सकते। - विनीता मद्धेशिया, मेडिकल कॉलेज

सफाई के नाम पर खानापूरी
हनुमान गढ़ी ममता वर्मा ने कहा कि कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी ने साफ सफाई की अहमियत को बताया है इसके बावजूद अस्पताल का यह हाल है। महिला अस्पताल में साफ सफाई की केवल खानापूरी की जाती है। पानी, शौचालय में फैली गंदगी कई संक्रामक बीमारियों का कारण बन सकती है।

महिला अस्पताल प्रबंधक कमलेश कुमार ने कहा कि महिला अस्पताल में व्यवस्था बेहतर है। गर्मी में पानी से लेकर अन्य इंतजाम किए गए हैं। खराब पड़े एसी को सही कराया जाएगा। साफ-सफाई व्यवस्था और बेहतर की जाएगी।

 
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