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अमर उजाला बाल मेला: चिड़ियाघर में बाल मेला कल...शेर-भालू को देखने के साथ बच्चे करेंगे फुल मस्ती

Thu, 30 Nov 2023 11:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

बाल मेला का उद्देश्य पर्यावरण, वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति बच्चों की सोच एवं समझ को बढ़ाना एवं विकसित करना है। बाल मेला को लेकर स्कूलों के बच्चों में जमकर उत्साह है। चिड़ियाघर में शेर, बाघ, भालू, तेंदुआ, गैंडा, दरियाई घोड़ा, हिरण सहित 58 से ज्यादा प्रजाति के 387 जंगली जानवरों को देखकर बेहद रोमांचित होंगे।
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gorakhpur zoo - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अमर उजाला की ओर से शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में एक दिसंबर को बाल मेला का आयोजन किया जाएगा। यह मेला सुबह नौ बजे से लेकर दो बजे तक चलेगा। इसमें शहर के कांवेंट के साथ ही सरकारी स्कूलों के बच्चे चिड़ियाघर में जाकर न सिर्फ जानवरों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे, बल्कि नृत्य, गायन और ड्राइंग प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा भी दिखाएंगे।

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बाल मेला का उद्देश्य पर्यावरण, वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति बच्चों की सोच एवं समझ को बढ़ाना एवं विकसित करना है। बाल मेला को लेकर स्कूलों के बच्चों में जमकर उत्साह है। चिड़ियाघर में शेर, बाघ, भालू, तेंदुआ, गैंडा, दरियाई घोड़ा, हिरण सहित 58 से ज्यादा प्रजाति के 387 जंगली जानवरों को देखकर बेहद रोमांचित होंगे। जगह-जगह कलाकार लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे और जादूगर के खेल भी खूब मनोरंजन करेंगे। करीब 8 से 10 हजार बच्चे हंसी-ठहाके लगाएंगे और फुल मस्ती करेंगे।

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ये आयोजन होंगे
ड्राइंग प्रतियोगिता:
इसका थीम चिड़ियाघर है, बच्चे जीव-जंतु देखेंगे और वहीं बैठकर लाइव ड्राइंग बनाएंगे। ड्राइंग शीट अमर उजाला की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी। ड्राइंग की अन्य सामग्री मसलन, पेंसिंल, ब्रश, बोर्ड व कलर विद्यार्थियों को लाना होगा। विजेताओं का चयन तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम करेगी।

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नृत्य व गायन प्रतियोगिता : नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता में बच्चे चिड़ियाघर में बने मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे। गायन के लिए अधिकतम तीन मिनट और नृत्य के लिए पांच मिनट का समय दिया जाएगा। गायन में बच्चे लोक गीत व फिल्मी गाने का चयन कर सकते हैं और नृत्य प्रतियोगिता का थीम पर्यावरण एवं वन्य जीव संरक्षण रखा गया है।
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