गोरखपुर शहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा जोरों पर है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पिछले दो महीनों में लिए गए खाद्य सामग्रियों के कुल 112 नमूनों में से 29 फेल मिले। इनमें 10 में गुणवत्ता की कमी, 16 मिस ब्रांडेंड और तीन नमूने खाने के दृष्टिकोण से काफी खतरनाक मिले।
अभिहीत अधिकारी कुमार गुंजन ने बताया कि सहजनवां स्थित प्रदीप कुमार के जनरल स्टोर से दाल का नमूना लिया गया था जिसमें जिंदा और मरे हुए कीड़े की मिलने की पुष्टि हुई है। जबकि खजनी के रामदीन की मिठाई की दुकान से बर्फी का नमूना लिया गया था, जिसमें सिल्वर की जगह एल्युमीनियम वर्क के मिलने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि जिन नमूनों की रिपोर्ट अनसेफ है, उन प्रतिष्ठानों के संचालकों पर मुकदमा चलेगा और जिनके सब स्टैंडर्ड और मिस ब्रांडेड हैं उनपर 2 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।
बड़े नाम वालों का भी छोटा काम
कुमान गुंजन ने बताया कि जिनके नमूने फेल आए हैं उसमें केवल छोटे व्यापारी ही नहीं हैं। इसमें लिज्जत पापड़, चक्र ब्रांड सरसों तेल और आर्गेनिक तत्व जैसे बड़े ब्रांड भी शामिल हैं। मॉल से लिए गए आर्गेनिक तत्व ब्रांड के सरसों तेल का नमूना मिस ब्रांडेड पाया गया है। इस ब्रांड पर दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं सुभाष नगर में जनरल स्टोर चलाने वाले अगम शांति के यहां से लिज्जत पापड़ का नमूना लिया गया था जो सब-स्टैंडर्ड निकला। वहीं अग्रहरि प्रोविजन स्टोर से लिए गए चक्र ब्रांड का नमूना भी फेल आया है। जो नमूने फेल मिले उनमें खोवा के चार नमूने, बेकरी बिस्किट, गरम मसाला, खड़ा नूडल्स और सेवईं शामिल है।