गोरखपुर में डोर-टू-डोर कोविड टीकाकरण की शुरुआत इस सप्ताह हो जाएगी। इसके लिए एक मोबाइल वैन एक्सप्रेस जिले में आ चुकी है। एक सप्ताह के अंदर 15 से अधिक मोबाइल वैन आनी हैं। इसके बाद से शहर से लेकर गांव तक में टीकाकरण से वंचित लोगों को कोविड का टीका लगाया जाएगा। प्राथमिकता के तौर पर बीमार और बुजुर्गों को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा दूसरी डोज लगाने वालों को भी टीका लगाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक जिले में दो लाख से अधिक लोगों का दूसरी डोज का समय पूरा हो चुका है, लेकिन ये लोग बूथों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बूथों पर लोगों की संख्या भी कम होती जा रही है। इस वजह से यह निर्णय लिया गया है कि अब घर-घर जाकर लोगों को टीका लगाया जाएगा।
ऐसे लोगों को चिह्नित करने में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम की मदद ली जाएगी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में यह अभियान शुरू हो चुका है। एक सप्ताह में जिले में 15 से अधिक मोबाइल वैन एक्सप्रेस आ जाएंगी। इसके बाद डोर-टू-डोर कोविड टीकाकरण शुरू होगा।
अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को टीका लगाया जाएगा। साथ ही जिन लोगों का दूसरी डोज का समय पूरा हो चुका है और वह लोग टीकाकरण नहीं लगवा रहे हैं, उन्हें भी टीका लगाया जाएगा। मोबाइल वैन में वैरीफायर, वैक्सीनेटर और स्टाफ नर्स मौजूद रहेंगी।
टीकाकरण से वंचित हैं लगभग सात लाख लोग
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले में 16 जनवरी से कोविड टीकाकरण की शुरुआत की गई है। विभाग को शासन की ओर से 35 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला है। अब तक 28 लाख के आसपास लोगों को टीका लगाया जा चुका है। सात लाख लोग टीकाकरण से वंचित हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द से जल्द लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।