महिला का आरोप है कि मना करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। कुछ दिन पहले मुझसे कहा था कि अंतिम बार कह रहा हूं कि तुम्हारी कुछ तस्वीरें मेरे पास हैं। अगर मेरी बात नहीं मानोगी तो तुमको कार्यालय से निलंबित करा दूंगा। 23 जून 2023 को जब में कार्यालय पहुंची तो रिश्वतखोरी के आरोप में बिना किसी शिकायत के और बिना मेरा पक्ष सुने कार्यालय पहुंचते ही निलंबन आदेश थमा दिया गया है।
इसे भी पढ़ें: दरोगा को थप्पड़ मारने में सांसद रमापति को एक साल की सजा, लालकृष्ण आडवानी की रथयात्रा में हुई थी मारपीट
इन्हें मिली हैं जांच
पांच सदस्यीय परिवाद समिति में पारिवारिक न्यायालय की परामर्शदाता संगीता प्रकाश अध्यक्ष और जिला प्रोबेशन अधिकारी पदेन सचिव के अलावा सहजनवां की बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन गौतम, एशियन सहयोगी संस्था इंडिया की सचिव उषा दास और सामाजिक कार्यकर्ता मुमताज खान शामिल हैं।
मुख्य कोषाधिकारी डॉ राजवीर वर्मा ने कहा कि एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर शिकायत की है। जिसके बाद मामला संज्ञान में आया है। डीएम के निर्देश पर एक कमेटी गठित कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।