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Gorakhpur News: जिला कोषागार की महिला स्टाफ का आरोप- क्लर्क करता है गंदे इशारे... कहता है अकेले मिले

Fri, 14 Jul 2023 10:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

पांच सदस्यीय परिवाद समिति में पारिवारिक न्यायालय की परामर्शदाता संगीता प्रकाश अध्यक्ष और जिला प्रोबेशन अधिकारी पदेन सचिव के अलावा सहजनवां की बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन गौतम, एशियन सहयोगी संस्था इंडिया की सचिव उषा दास और सामाजिक कार्यकर्ता मुमताज खान शामिल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर जिला कोषागार में कार्यरत एक क्लर्क पर उसके ही कार्यालय में कार्यरत महिला स्टॉफ ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि क्लर्क ने गंदे इशारे किए और फब्तियां कसीं, फिर हाथ पकड़ लिया। मना करने पर निलंबित कराने की धमकी दी। 23 जून को मुझे निलंबन का आदेश भी पकड़ा दिया गया।

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महिलाकर्मी की शिकायत पर डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को जांच के निर्देश देते हुए पांच सदस्यीय परिवाद समिति का गठन कर दिया है। उधर, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम से 31 जुलाई तक जांच कराकर साक्ष्य सहित जांच रिपोर्ट तलब की है।

कोषागार में यह मामला सामने आने पर हड़कंप मचा हुआ है। महिला कर्मचारी ने 24 जून 2023 को डीएम को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि उसके पति पहले कोषागार में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2007 में उनका निधन हो गया और उनकी जगह मुझे नौकरी मिल गई।
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पिछले एक साल से लिपिक की गलत निगाह मुझ पर थी। जब भी फाइल लेकर उनके पास जाती थी तो गलत इशारे करता था। कार्यालय में जब भी कहीं अकेले में होती थी तो फब्तियां कसता था और अश्लील शब्दों का प्रयोग करके कार्यालय के बाहर अकेले मिलने के लिए भी कहता था। जबरदस्ती और धक्का-मुक्की की कोशिश करता था। कई बार तो हाथ भी पकड़ लिया।

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महिला का आरोप है कि मना करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। कुछ दिन पहले मुझसे कहा था कि अंतिम बार कह रहा हूं कि तुम्हारी कुछ तस्वीरें मेरे पास हैं। अगर मेरी बात नहीं मानोगी तो तुमको कार्यालय से निलंबित करा दूंगा। 23 जून 2023 को जब में कार्यालय पहुंची तो रिश्वतखोरी के आरोप में बिना किसी शिकायत के और बिना मेरा पक्ष सुने कार्यालय पहुंचते ही निलंबन आदेश थमा दिया गया है।

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इन्हें मिली हैं जांच
पांच सदस्यीय परिवाद समिति में पारिवारिक न्यायालय की परामर्शदाता संगीता प्रकाश अध्यक्ष और जिला प्रोबेशन अधिकारी पदेन सचिव के अलावा सहजनवां की बाल विकास परियोजना अधिकारी सुमन गौतम, एशियन सहयोगी संस्था इंडिया की सचिव उषा दास और सामाजिक कार्यकर्ता मुमताज खान शामिल हैं।

मुख्य कोषाधिकारी डॉ राजवीर वर्मा ने कहा कि एक महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर शिकायत की है। जिसके बाद मामला संज्ञान में आया है। डीएम के निर्देश पर एक कमेटी गठित कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


 
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