एम्स में यौन उत्पीड़न प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। आरोपी अफसर ऑफिस आया नहीं और केबिन से जरूरी फाइल गायब हो गईं। नौ जनवरी की रात में ही आरोपी के केबिन को लॉक करा दिया गया था। परिसर में आने पर रोक थी। सर्विस बुक भी मूल विभाग में रहती है। लेकिन एम्स के दफ्तर में कैसे आई, इसकी भी जांच होगी।
गोरखपुर एम्स में छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी अफसर की सर्विस बुक व पर्सनल फाइल गायब होना चर्चा का विषय बन गया है। वजह यह कि नौ जनवरी की रात में ही आरोपी के एम्स परिसर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी। उसका केबिन भी लॉक करवा दिया गया था।
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इसके बाद आरोपी केवल अपना बयान दर्ज कराने ही एम्स परिसर में एकबार आया था। इस दौरान भी उसे केबिन खोलने नहीं दिया गया। इसके बावजूद फाइल और सर्विस बुक गायब कैसे हो गई, अब यह भी जांच का विषय है।
विशाखा कमेटी की जांच के बाद शनिवार को गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट देशदीपक वर्मा के निर्देश पर आरोपी अफसर को मूल विभाग में वापस भेजने का निर्णय लिया गया था। कार्यकारी निदेशक ने इस कार्रवाई की जानकारी मीडिया को दी थी। प्रशासनिक अफसर का केबिन कार्यकारी निदेशक के केबिन वाली गैलरी में ही है।
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यह पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्डों की निगरानी में रहता है। रविवार और सोमवार को अवकाश भी था। इसके बावजूद पर्सनल फाइल व सर्विस बुक गायब होने की बात आश्चर्यजनक है।
कर्मचारियों में इस बात की चर्चा है कि आखिर इतनी जल्दी और सुरक्षित इलाके से कोई फाइल गायब कैसे हो सकती है। यह तभी संभव है, जब कार्यालय का कोई कर्मचारी फाइल को निकालकर ले जाए। जिस अफसर पर आरोप है, उसे तो ऑफिस आने ही नहीं दिया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि किसी भी कर्मचारी का सर्विस बुक उसकी नौकरी का सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख होता है, जो हमेशा कार्यालय में सुरक्षित रखा जाता है। चूंकि आरोपी, केंद्रीय सचिवालय का कर्मचारी है, लिहाजा उसका सर्विस बुक दिल्ली होना चाहिए, न की एम्स गोरखपुर। वह सर्विस बुक यहां क्यों और कैसे मंगाई गई और फिर अचानक गायब कैसे हो गई, इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है।
सर्विस बुक में जो भी इंट्री होनी है, वह प्रशासनिक अफसर को स्वयं तो करना ही नहीं होता। इतना ही नहीं, एम्स के कर्मचारियों का सर्विस बुक तो प्रशासनिक अफसर के ही पास होता है, ऐसे में संभव है कि यहां के कर्मचारियों की भी सर्विस बुक गायब हो, या उसमें कोई छेड़छाड़ की गई हो। अब इन सारे सवालों के जवाब तो जांच के बाद ही मिलेंगे।