बिजली का बिल एजेंसी के माध्यम से बनवाने का खामियाजा उपभोक्ताओं के साथ बिजली निगम के अभियंताओं को भी भुगतना पड़ रहा है। गलत श्रेणी में लंबित 10 हजार बिलों की सूची चेयरमैन के पास पहुंची, तो उन्होंने अभियंताओं को सूची भेजकर सही करवाने का निर्देश दिया। चेयरमैन के तेवर को देखते हुए अभियंताओं ने पांच हजार बिल सही कर दिए, मगर पांच अब भी लंबित हैं।
बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए उपभोक्ताओं के घर या परिसर न जाकर टेबल रीडिंग से बिल बना दे रहे हैं। इस वजह से अधिकतर बिल गलत बन जाते हैं। जब किसी उपभोक्ता को गलत बिल मिलता है तो वह उसे सही कराने की शिकायत करता है। ऐसे ही 10 हजार बिल गलत बन गए थे। इसकी शिकायत चेयरमैन एम देवराज तक पहुंची तो उन्होंने गलत बिल ठीक करने का निर्देश दिया।
इसके बाद अभियंताओं ने पांच हजार बिल ठीक किए हैं। यही नहीं, चेयरमैन ने मीटर परीक्षण खंड के जूनियर मीटर टेस्टरों को सभी कनेक्शनों में लगे मीटरों की जांच करने और खराब मीटरों को बदलने का भी निर्देश दिया है। मीटर खंड की तरफ से 4000 खराब मीटर बदले भी गए हैं।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि बिलिंग एजेंसी को अपने मीटर रीडरों पर नजर रखने के साथ ही उन पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। उपभोक्ताओं के पास गलत बिजली बिल जाएगा तो वह भुगतान कैसे करेंगे? अभियंता समय-समय पर अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याओं और इनके बिलों के निस्तारण की जांच करवाएं। इससे उन्हें अपने स्तर से कमी पता चल सकेगी।