गोरखपुर नदियों के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लगातार बढ़ता दायरा देख प्रशासन ने एहतियातन एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की और दो-दो यूनिट की मांग की है। इस संबंध में गुरुवार को जिला आपदा विभाग की तरफ से वाराणसी स्थित एनडीआरएफ 11वीं वाहिनी के कमांडेंट के साथ ही शासन को भी पत्र भेजा गया है। वहीं अयोध्या से 20 और मोटर बोट मंगाई गई हैं।
आपदा विभाग के मुताबिक एक बोट पर 25 से 30 लोग आसानी से बैठ जाएंगे। सभी बोट गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार दोपहर तक गोरखपुर पहुंच जाएंगी। इनका इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घिरे लोगों तक राहत सामग्री किट पहुंचाने में होगा। वर्तमान में राहत सामग्री किट पहुंचाने का काम भी एसडीआरएफ की टीम कर रही है। इन मोटर बोटों के पहुंचने के बाद यह टीम खाली हो जाएगी, जिससे उन्हें बचाव कार्य में लगाया जाएगा।
आपदा संयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि अब तक जिले में बाढ़ से प्रभावित लोगों में 22 हजार राहत सामग्री किट का वितरण हो चुका है। किट उपलब्ध कराने के लिए गोरखपुर के साथ ही लखनऊ की फर्म को भी जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। दोनों ही फर्म से 15-15 हजार और राहत सामग्री किट मंगाई गई है, जो शुक्रवार सुबह तक पहुंच जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने गोरखपुर क्लब को अधिगृहीत कर लिया है। वहां राहत सामग्री वितरण केंद्र बनाया जाएगा। कोई भी स्वयंसेवी संस्था यदि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राशन आदि उपलब्ध कराना चाहती है तो वहां सामग्री दे सकती है।
बाढ़ राहत खाद्य सामग्री किट में ये उपलब्ध है
आटा 10 किग्रा, चावल 10 किग्रा, अरहर दाल दो किग्रा, नमक 500 ग्राम, हल्दी 250 ग्राम, मिर्च 250 ग्राम, सब्जी मसाला 250 ग्राम, रिफाइंड एक किग्रा, लाई पांच किग्रा, भुना चना दो किग्रा, गुड़ एक किग्रा, बिस्कुट 10 पैकेट, माचिस एक पैकेट, मोमबत्ती एक पैकेट व नहाने के दो साबुन।