मनीष गुप्ता हत्याकांड: मामले की जांच के लिए होटल कृष्णा पैलेस पहुंचे एडीजी अखिल कुमार।
- फोटो : अमर उजाला।
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के आरोपी पुलिस वालों की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं होने के संकेत एडीजी ने दे दिए हैं। उनका कहना है कि पहले साक्ष्य संकलन होगा और फिर उसी हिसाब से गिरफ्तारी व आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ एफआईआर दर्ज करने पर गिरफ्तारी नहीं होती है। कोर्ट में पुलिस को साक्ष्य दिखाने होते हैं। उधर, मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया गया है। एडीजी का कहना है कि कुशल विवेचकों को शामिल कर टीम गठित कर जल्द से जल्द जांच को पूरा कराया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, तीन दिन बाद छुट्टी से लौटे एडीजी अखिल कुमार गुरुवार को होटल कृष्णा पैलेस में पहुंचे थे। इस दौरान गहनता से कमरे, बरामदे की जांच के बाद एडीजी ने कहा कि इस बात की जांच कराई जाएगी कि आखिर किस गोपनीय सूचना पर पुलिस होटल में आई थी। सूचना क्या थी और चेकिंग के दौरान ऐसी क्या परिस्थिति हो गई कि इतनी बड़ी घटना हो गई, इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच करेगी।
एडीजी होटल के कमरे को चेक किए, बरामदे आदि में भी गए। पुलिस वालों से घटना के बारे में जानकारी लेकर यह समझने की कोशिश किए कि असल में उस रात हुआ क्या था। हालांकि एडीजी से जाने से पहले ही साक्ष्य साफ हो चुके है। वहां पर कुछ भी ऐसा नहीं था जिसे देखकर एडीजी कुछ खास समझ पाते।
कमरे को सील जरूर किया गया है लेकिन साक्ष्य मिटाने के बाद ऐसा हुआ है। एडीजी अखिल कुमार का कहना है कि होटल में पुलिस के आने का कारण, सूचना देने वाले, होटल की भूमिका समेत सभी पहलुओं पर पुलिस की जांच जारी है। जल्द ही सच घटना सामने आ जाएगी।
सीसी टीवी कैमरे की मदद से खोलेंगे मौत का राज
मनीष हत्याकांड की जांच करने होटल पहुंचे एडीजी।
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एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि बड़ा मामले होने के साथ ही पुलिस पर आरोप होने की वजह से आम आदमी भी इसकी सच्चाई जानना चाहता है। इसे देखते हुए पुलिस को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द जांच कर इस बात का पता लगाया जाए कि आखिर हुआ क्या था? होटल के अलावा रास्तों के कैमरे देखे जाएं, ताकि पता चल सके कि व्यापारी को किस ओर से लेकर गए थे। नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज के सीसी टीवी कैमरों की भी जांच की जाएगी। कैमरे की मदद से मौत का राज खोलेने की कोशिश होगी।
डॉक्टर की मदद से चोट की बारीकी समझेगी पुलिस
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से भी पुलिस बातचीत करेगी। डॉक्टर की मदद से चोट की बारीकी को समझा जाएगा। उसी से साफ होगा कि आखिर सच्चाई क्या है? एडीजी ने कहा कि जल्द ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।
क्राइम ब्रांच के दिलीप पांडेय को सौंपी गई विवेचना
एसएसपी ने रामगढ़ताल थाने में इंस्पेक्टर समेत छह पर दर्ज हत्या के केस की विवेचना क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर दिलीप पांडेय को सौंपी है। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच के लिए केस की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। विवेचक का कहना है कि केस उन्हें मिल गया है, अब जांच शुरू कर दी गई है।