अत्यधिक दोहन का दुष्प्रभाव सेहत पर भी
उप्र भूगर्भ जल (प्रबंधन एवं विनियमन) कानून 2019 के तहत कृषि एवं घरेलू उपयोग के लिए भूजल दोहन की छूट है। लेकिन इस कानून की आड़ में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान व संस्थान भूगर्भ जल का अत्यधिक दोहन करते हैं। इसका दुष्परिणाम यह है कि जलस्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। पानी की बर्बादी से कई इलाकों में जल संकट भी खड़ा हो रहा है। भूगर्भ जल के अत्यधिक दोहन का दुष्प्रभाव लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है।
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क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि एनजीटी में आरपी बनाम केंद्रीय भूगर्भ जल आयोग का केस चल रहा है। कोर्ट के निर्देश पर नगर निगम से भूगर्भ जल का व्यावसायिक उपयोग करने वाली संस्थाओं, होटल-रेस्टोरेंट की सूची मांगी गई थी। सूची के आधार पर एनओसी नहीं लेने वालों को नोटिस दिया गया था। एनजीटी के समक्ष सभी को अपना पक्ष रखना है।