पिछले विधानसभा, लोकसभा और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय विवाद होने पर दर्ज हुए लगभग 343 मामलों के आरोपी माननीयों की पैरवी की वजह से खुलेआम घूम रहे थे। जब एडीजी अखिल कुमार ने इन मामलों को लेकर सख्ती दिखाई तो पुलिस ने महज दो महीने में न केवल चार्जशीट दाखिल किया, बल्कि इनमें से कई को जेल भी भिजवा दिया।
विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। यही वजह है कि एडीजी ने पुलिस को लगातार निर्देश देने के साथ ही दो दिन पहले ही बिहार तक के अफसरों से संपर्क कर बदमाशों पर कार्रवाई करने को कहा है।
इसी बीच एडीजी ने गोरखपुर जोन के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, देवीपाटन, गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती जिले में विधानसभा, लोकसभा और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद और दर्ज केस की संख्या की समीक्षा की। समीक्षा में बड़ा खेल उजागर हो गया।
पाया गया कि पिछले विधानसभा और इसके बाद लोकसभा फिर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान विवाद में दर्ज जोन में 343 मुकदमों में कार्रवाई की जगह माननीयों की पैरवी पर पुलिस कुंडली मारकर बैठी थी। एडीजी ने सख्ती की तो दो महीने में ही जिन केसों में चार्जशीट नहीं हुआ तो वह भी दाखिल हो गया और वांछित जो फरार चल रहे थे, उन्हें भी दबोचकर पुलिस ने जेल भेज दिया। खबर है कि इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भी भेज दी गई है।
इस चुनाव में दर्ज हुए इतने मुकदमे
- विधानसभा 2012: 90
- लोकसभा 2014: 66
- विधानसभा 2017: 163
- त्रिस्तरीय पंचायत: 24