गोरखपुर जिले में विभिन्न जगहों प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। सभी नदी घाटों, तालाबों और पोखरों पर लोग जुटते हैं। हर जगह एसडीआरएफ और एनडीआरपीएफ की तैनाती संभव नहीं है। इसलिए अन्य जगहों पर 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ से प्रशिक्षित आपदा मित्रों को मुस्तैद किया जाएगा। जिले में कुल 143 गोताखोरों और 240 नाविकों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराए गए हैं।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी तरह की समस्या न आए। इसको देखते हुए पत्राचार किया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अलावा सेफ्टी किट से लैस गोताखोरों और नाविकों को तैनात किया जाएगा। -विनीत कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा)/ प्रभारी अधिकारी (आपदा) गोरखपुर
दशहरा में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राप्ती नदी के तट पर नगर निगम की तरफ से कृत्रिम तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। बुधवार को तालाब का निरीक्षण करने नगर आयुक्त के साथ अन्य अधिकारी भी पहुंचे।
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम द्वारा राप्ती नदी के तट पर तीन कृत्रिम तालाब बनवाया जा रहे हैं। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने एकला बंधा से पोखरे तक संपर्क मार्ग को ठीक कराने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तीनों पोखरों के किनारे और उसके संपर्क मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाने का निर्देश दिया। इस दौरान मुख्य अभियंता संजय चौहान, अधिशासी अभियंता एनडी पांडेय, अवर अभियंता अवनीश भारती समेत अन्य लोग मौजूद रहे।