सोमवार देर रात में हुमायूंपुर, रहमतनगर, गोरखनाथ, बक्शीपुर, घंटाघर, बहरामपुर, सुमेर सागर, बनकटी चक, सिविल लाइंस, घोसीपुरवा, बिछिया, चक्शा हुसैन, रेलवे बौलिया कालोनी, जटेपुर सहित तमाम मोहल्लों के इमाम चौकों से जुलूस निकले। जिसे कई अखाड़ों के युवाओं ने करतब दिखाए। दो सौ से अधिक ताजिया आकर्षण का केंद्र रहीं। जुलूस का केंद्र गोलघर रहा। ताजिया को देखने के लिए हजारों की संख्या में अकीदतमंद उमड़े। उत्कृष्ट ताजियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं लोग साहबगंज स्थित गेहूं की ताजिया देखने भी पहुंचे।
इमाम चौकों पर रखी गई ताजिया
नौवीं मोहर्रम को हजरत सैयदना इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए शाम के समय तमाम इमाम चौकों पर छोटे-बड़े ताजिया रख कर फातिहा पढ़ी गई।
बक्शीपुर व तुर्कमानपुर में हुआ सामूहिक रोजा इफ्तार
गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से सोमवार को चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर व तंजीम कारवाने अहले सुन्नत की ओर से इमामबाड़ा चिंगी शहीद तुर्कमानपुर में सामूहिक रोजा इफ्तार हुआ। वहीं नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में भी लोगों ने मिलकर रोजा खोला। इफ्तार में नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी, निजामुद्दीन, समीर अली, हाफिज महमूद रजा कादरी, मौलाना मो. असलम रजवी आदि शामिल हुए। वहीं दूसरी तरफ बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में लंगर का आयोजन किया गया।
कुरआन और फातिहा ख्वानी हुई
नौवीं मोहर्रम को अकीदतमंदों ने विविध तरीकों से हजरत सैयदना इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। महफिल व मजलिसों में जिक्रे इमाम हुसैन और दीन-ए-इस्लाम के लिए दी गई उनकी कुर्बानी को याद कर लोग गमगीन हो गए।
जिक्रे शोह-दाए-कर्बला महफिल हुई
नौवीं मोहर्रम को जिक्रे शोह-दाए-कर्बला महफिल को आयोजन सोमवार को विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में हुआ। महफिलों में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी, मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन, मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी, हाफिज शाकिर अली, नायब काजी मुफ्ती मो. अजहर शम्सी, मौलाना मो. असलम रजवी, मौलाना तहफ्फुज हुसैन रजवी आदि हजरत सैयदना इमाम हुसैन और और उनके साथियों की कुर्बानी पर रौशनी डाली।