नकहा ओवरब्रिज मो. इब्राहिम ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बेकरी का कारोबार शुरू करने की योजना है। योजना के तहत 10 लाख रुपये ऋण मिलने के बाद बेकरी की मशीन मंगवाई है। एक से दो महीने में कारोबार शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस योजना का कोई जवाब नहीं है। मुख्यमंत्री योगी जी सभी का भला देख रहे और कर रहे हैं। जिला उद्योग कार्यालय ने भी काफी मदद की है। फैक्ट्री में बिस्किट, ब्रेड और अन्य उत्पाद बनाने हैं। बाजार भी तलाश लिया है। काम जल्द ही शुरू करने वाला हूं। काम शुरू होने के बाद कम से कम पचीस लोग रोजगार पाएंगे।
उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत करीब 106 लोगों को ऋण उपलब्ध कराना था। फिलहाल 62 लोगों को ऋण उपलब्ध करा दिया गया है। मेरे पास जो भी फाइल आती है। उसकी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद बैंक को भेज दिया जाता है। बैंक से बात भी करते हैं, लेकिन कभी-कभी परेशानी होती है। कुछ कमी आवेदक के कागजात में होती है, तो कुछ ऋण देने में बैंकों की। फिर भी हमारी कोशिश होती है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सरकार की इस योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाए।
आवेदन के लिए उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की वेबसाइट
https://diupmsme.upsdc.gov.in/ पर जाएं। यहां मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का पर क्लिक करें। खुलने वाले पेज पर नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण के विकल्प चुनें। इसके बाद पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा। इस फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे- योजना, नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, राज्य, जिला आदि भरनी होगी। इसके बाद फार्म सब्मिट कर दें। इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जाएगा।
फाइल स्वीकृत होने के एक महीने के भीतर देना होगा ऋण
उद्यमियों की ओर से बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के बाद रविवार को डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी योजनाओं में फाइल स्वीकृत होने बाद अगर संबंधित बैंक की ओर से ऋण नहीं दिया गया तो इसे शोषण माना जाएगा। इसी तरह ऋण स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर धनराशि खाते में भेजनी होगी। बैंकों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। डीएम ने बताया कि कार्यशैली में सुधार के लिए बैंकों को पत्र भी लिखा जा रहा है। उद्योग बंधु की बैठक के दौरान भी डीएम ने इस तरह के मामले आनेे पर नाराजगी जताई थी।