पीलीभीत से बिहार सीमा तक 603 किलोमीटर लंबी और दस मीटर चौड़ी टू लेन सड़क बनाई जाएगी। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। नेशनल हाईवे (एनएच) की गोरखपुर डिवीजन के परियोजना प्रबंधक ने इस साल की कार्ययोजना में 75 किलोमीटर सड़क को शामिल किया है। डीपीआर बनने के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।
पीलीभीत से बिहार सीमा तक सड़क को पहले फोरलेन बनाने का फैसला किया गया था, लेकिन ट्रैफिक फोरलेन के बराबर नहीं होने के कारण टूलेन (10 मीटर चौड़ी) बनाने का निर्णय लिया गया। सड़क को नेशनल हाईवे बनाएगा। इसके अलग-अलग डिवजीन के पास अलग-अलग जनपद की सड़कें हैं। गोरखपुर डिवीजन के पास गोरखपुर के अलावा महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर जिले हैं।
इस साल की कार्ययोजना में इस मार्ग पर दो सड़कों को शामिल किया गया है। इनकी लंबाई लगभग 75 किलोमीटर है। इस मार्ग पर महराजगंज जिले में महराजगंज-फरेंदा बाईपास को शामिल किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 35 किलोमीटर है। इसे 10 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।
इसी तरह पड़रौना से फाजिलनगर तक 40 किलोमीटर सड़क को इस साल की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। डीपीआर बनने के बाद शासन के सौंपा जाएगा। शासन से स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एनएच परियोजना प्रबंधक प्रभात चौधरी ने कहा कि पीलीभीत से बिहार सीमा तक 603 किलोमीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, जोकि टू लेन होगी। गोरखपुर डिवीजन में महराजगंज-फरेंदा बाईपास और पड़रौना-फाजिलनगर मार्ग को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। शासन के निर्देश पर डीपीआर बनाई जा रही है। अनुमति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।