डीएम के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने बृहस्पतिवार को महिला अस्पताल सहित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 11 डॉक्टरों समेत 46 कर्मी अनुपस्थित पाए गए। इस पर डीएम ने सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश जारी किया है।
महिला अस्पताल में एडीएम सुशील कुमार गोंड निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान एमसीएच विंग की दूसरी मंजिल पर शौचालय बंद मिला। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे खोलने के निर्देश दिए। एडीएम सुबह 9:30 बजे महिला अस्पताल पहुंचे। एसआईसी कार्यालय में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका देखने के बाद वह ओपीडी पहुंचे और पंजीकरण काउंटर, हेल्प डेस्क, दवा काउंटर देखने के बाद ओपीडी कक्ष में पहुंचे।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम मिश्रा और डॉ. पूनम पांडेय से समस्याओं की जानकारियां ली। उन्होंने मरीजों से भी वार्ता की, जहां पर वह व्यवस्था से संतुष्ट दिखे। इस मौके पर हेल्प डेस्क मैनेजर अमरनाथ जायसवाल, कमलेश मौजूद रहे।
वहीं, भटहट में हेल्प सुपरवाइजर, ब्लॉक एकाउंट मैनेजर, सीएचसी कैंपियरगंज में दो स्वास्थ्यकर्मी, बांसगांव में दो, कौड़ीराम में तीन, सहजनवां में एक, सीएचसी उसवा बाबू में एक, सीएचसी बरही में एक, टीबी अस्पताल में आठ डॉक्टर समेत नौ स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा सीएचसी जंगल कौड़िया में एक डॉक्टर समेत 17 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए।
डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि यह अभियान चलता रहेगा। अनुपस्थित डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।