गोरखपुर में चार साल से मानदेय मिलने का इंतजार कर रहे आधुनिक मदरसा शिक्षकों की परेशानी जल्द खत्म होते नहीं दिख रही है। सरकार ने इन शिक्षकों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय) से हटाकर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से संबद्ध कर दिया है। अप्रैल 2021 में हुए इस हस्तांतरण के बाद दोनो मंत्रालयों के बीच पिछली देनदारियों की जिम्मेदारी अभी तय नहीं हो सकी है।
भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वर्ष 1999 में मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना लागू की गई थी। इसके तहत मदरसों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय पढ़ाने के लिए आधुनिक शिक्षक तैनात किए गए। इन शिक्षकों का मानदेय तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से जारी किया जाता था। इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ ऑफ इंडिया आईमास के राष्ट्रीय अध्यक्ष एजाज अहमद बताते हैं कि मदरसा टीचरों का मानदेय केंद्र और राज्य सरकार दोनों से जारी किया जाता है।