गोरखपुर जिले की सभी छह नदियों राप्ती, सरयू, रोहिन, आमी, कुआनों और गोर्रा का जलस्तर भले ही पांच दिनों से लगातार कम हो रहा है, लेकिन इन नदियों की बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या में इजाफा हो रहा है। दरअसल, जैसे-जैसे पानी घट रहा है, वैसे-वैसे प्रशासनिक अमले की पहुंच बाढ़ग्रस्त इलाकों में बढ़ रही है। नतीजा, नए बाढ़ पीड़ित गांवों की जानकारी सामने आ रही है। बुधवार को बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या 391 हो गई। मंगलवार को यह आंकड़ा 383 था। इनमें कुछ गांव आंशिक तौर पर बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
हालांकि प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि दो से तीन दिनों में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या तेजी से घटने लगेगी। आपदा विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जिले की 3.12 लाख की आबादी प्रभावित है। करीब 56240 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में है। अब तक सदर तहसील में सबसे ज्यादा 98 गांव, जबकि चौरीचौरा व खजनी में सबसे कम क्रमश: 32 व 34 गांव प्रभावित हैं। इसी तरह सहजनवां में 44, कैंपियरगंज में 61, बांसगांव में 47 और गोला में 75 गांव प्रभावित हैं।
डीएम विजय किरन आंनद का कहना है कि खतरा काफी कम रह गया है। सभी नदियों का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। जिले में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य युद्व स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए 41200 राशन खाद्यान्न किट एवं तिरपाल व जेरीकेन का वितरण किया गया है।
कम्यूनिटी किचन से रोजाना 12000 भोजन पैकेट वितरण का दावा
जिला प्रशासन की तरफ से जिले के सभी तहसीलों में बने कम्यूनिटी किचन से रोजाना 12 हजार भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसी तरह डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को 23550 लीटर मिट्टी तेल का वितरण भी हुआ है। कुल 493 नांव/मोटर बोट बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाई गई हैं। 309 मेडिकल टीम के द्वारा अब तक 18672 लोगों का उपचारित करने के साथ 188589 क्लोरीन गोली, 13103 ओआरएस पैकेट वितरित किया गया है।
ये टीमें लगी बचाव कार्य में-
डीएम ने बताया कि बाढ़ राहत बचाव कार्यों में 11वीं वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), आरआरसी गोरखपुर की तीन यूनिट, एसडीआरएफ, गोरखपुर (26वीं वाहिनी पीएसी में तैनात) - दो यूनिट के साथ ही 180 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा लेखपालों, कानूनगो के साथ ही बचाव कार्यों की निगरानी आदि के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार को भी लगाया गया है।
दिक्कत हो या कोई सूचना देनी हो तो यहां मिलाएं फोन-
बाढ़- 0551-2201796, 9450119142
स्वास्थ्य- 0551-2202205, 9450119127
पशुपालन- 0551-2204196
नगर निगम- 0551-2204196, 9450119104
बिजली निगम- 0551-2985901, 9450119071
जिलापूर्ति- 0551-2980096, 9450119074
पंचायतीराज- 0551-2985854, 9532824859
जलनिगम- 0551-2985913, 8765134842
पीडब्लूडी- 0551-2980093, 9532797104
701 क्विंटल भूसे का वितरण, 28973 पशुओं का हुआ टीकाकरण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बीपी सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा बुधवार को बाढ़ प्रभावित 383 गांवों में 98 पशु राहत शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान 28973 पशुओं का टीकाकरण एवं 14414 पशुओं का इलाज किया गया। साथ ही करीब 100 प्रभावित गांवों के 10270 पशुओं को खिलाने के लिए 701.75 क्विंटल भूसा वितरित किया गया।
एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है। पानी से घिरे गांवों में लोगों की सुविधा के लिए 100 अस्थायी टायलेट (कनात टायलेट) बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गोर्रा नदी के पानी से प्रभावित झंगहा के राजधानी गांव में कई टायलेट तैयार कर लिए गए हैं। जहां-जहां जरूरत होगी, वहां इस तरह के टायलेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।