फर्जी दस्तावेज के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में वर्षों नौकरी करने वाले 85 फर्जी शिक्षकों ने करीब 34 करोड़ रुपये का वेतन ले लिया था। दो साल पहले इन सभी को बर्खास्त करने के अलावा उन पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। रिकवरी के लिए रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेजी गई, लेकिन अब तक उनसे कितनी रिकवरी हुई, इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों को नहीं है।
बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2007 से 2017 के बीच लगातार भर्तियां की गई थीं। इन भर्तियों में धांधली की शिकायतें बार-बार आ रही थीं। लगभग ढाई वर्ष पूर्व फर्जी शिक्षकों की जांच को लेकर एसटीएफ ने छानबीन शुरू की। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग को भी फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वालों की शिकायतें मिलने लगीं।
उस दौरान जब तत्कालीन बीएसए ने मामले की जांच कराई तो एक-एक कर कई फर्जी शिक्षकों के नाम सामने आए थे। कार्रवाई करते हुए विभाग ने 85 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर उन पर केस दर्ज कराया था। सर्वाधिक 40 से अधिक शिक्षकों पर राजघाट थाने में केस दर्ज है।
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