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Gorakhpur News: भूखों-मरने के बन गए थे हालात, बमों के धमाकों से थम जा रही थीं सांसें, देखें वीडियो

Fri, 28 Apr 2023 10:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सूडान में सेना और पैरा मिलिट्री फोर्स के बीच चल रही सत्ता वर्चस्व की जंग में आम लोगों का बुरा हाल हो गया है। सबसे अधिक दुश्वारी दूसरे देशों से पहुंचे नागरिकों को उठानी पड़ रही है। सेनाओं की जंग में भारतीयों के जीवन पर भी संकट खड़ा हो गया था।
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सूडान से दिल्ली होते हुए बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंचे गोरखपुर, बस्ती मंडल के नागरिक।
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विस्तार
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 सूडान से दिल्ली होते हुए बृहस्पतिवार को 31 लोग बस से सहजनवां पहुंचे। यहां सभी के चेहरों पर सकुशल वतन लौटने की खुशी साफ झलक रही थी। मगर, सूडान में रहने के दौरान जीवन बचाने के संकट को याद कर अभी भी उनके रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं। वे सुरक्षित घर तो पहुंच गए लेकिन, इस सदमे से उबरने में अभी वक्त लगेगा। ज्यादातर के पैसे खर्च हो गए थे। बाहर सड़क पर निकलना मुमकिन नहीं था और भूख से मरने जैसे हालात बन गए थे। गोलियों, बमों की तड़तड़ाहट से सांसें थम जा रही थीं।

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सहजनवां के एक रेस्त्रां पर प्रशासनिक टीम की तरफ से स्वागत के बाद अपनी आपबीती बयां करते-करते कुछ नागरिकों की आंखें डबडबा जा रहीं थीं तो कुछ खामोश हो जा रहे थे। बताया कि सूडान में सेना और पैरा मिलिट्री फोर्स के बीच चल रही सत्ता वर्चस्व की जंग में आम लोगों का बुरा हाल हो गया है। सबसे अधिक दुश्वारी दूसरे देशों से पहुंचे नागरिकों को उठानी पड़ रही है। सेनाओं की जंग में भारतीयों के जीवन पर भी संकट खड़ा हो गया था। वे जहां रहते और काम करते थे, उनके आसपास लगातार गोली और बम चल रहे थे। मगर, विपरीत हालात में भी उन्हें अपने देश के पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरा भरोसा था।

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आपरेशन कावेरी के तहत जब उन्हें सुरक्षित भारत लाने की सूचना मिली तो यह भरोसा और गहरा गया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह भारत में जन्मे, जहां की सरकार दूसरे मुल्कों में भी मुसीबत में फंसे अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ती। नागरिकों ने बताया कि उन्हें इंडियन एम्बेसी ने पोर्ट सूडान से नेवी, आर्मी और एयरफोर्स की मदद से सउदी अरब के शहर जेद्दा भेजवाया। वहां से उन्हें हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया। यूपी भवन में भोजन व विश्राम कराने के बाद योगी सरकार ने उन्हें घर भेजने और रास्ते भर खानपान की उत्कृष्ट व्यवस्था की।

भूखों मरने से पहले सरकार ने दिया जीवन दान

गोरखपुर जिले के हथियापरास निवासी जनार्दन त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2014 से वह ओमेगा इस्पात स्टील कंपनी में क्वालिटी इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे थे। सूडान में गृह युद्ध से हालात अचानक ऐसे बिगड़े की जिंदगी ही बदल गई। धीरे- धीरे राशन खत्म हो गया था। बाजार बंद थे। सड़कों पर निकल नहीं सकते थे। लेकिन, भूखों मरने से पहले ही सरकार ने जीवन दान दे दिया।

खत्म हो चुकी थी परिवार से मिलने की उम्मीद
चौरीचौरा निवासी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि सूडान में बिगड़े हालात के बीच परिवार के लोगों से मिलने की उम्मीद ही खत्म हो चुकी थी। घर वालों से ठीक से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। यहां उनका भी हाल बेहाल था। सभी की चिंता सता रही थी। भगवान पर सब कुछ छोड़ दिया था। उन्होंने सुनी भी। सरकार ने हमारी खोज-खबर ली और विदेशी धरती से हमें सुरक्षित निकाला। घर पहुंचते ही पहले सभी को जी भर देखूंगा। अब कहीं नहीं जाना। यहीं पर रोजगार करूंगा।

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रात-दिन यही सोचते थे, कैसे जान बचेगी
सूडान इंडिया में लूम ऑपरेटर पद पर कार्यरत शहर के राजेंद्र नगर निवासी मनीष गुप्ता कहते हैं कि नौ माह से कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन अचानक लड़ाई छिड़ जाने के बाद हालात खराब हो गए। वहां की सरकार ने खोज-खबर लेनी बंद कर दी। सुरक्षा के उपाय नाकाफी दिख रहे थे। चारों तरफ गोलियां और बमों की आवाज से कलेजा थर्रा जा रहा था। हर भारतीय रात-दिन केवल प्राण बचाने के ही उपाय सोच रहा था। दिल्ली पहुंचे तो जान में जान आई। यकीन हुआ कि अब तो परिवार से भी मिल ही लेंगे।

भारतीय ही नहीं, वहां के लोग भी संकट में
ओमेगा स्टील में इलेक्ट्रीशियन पद पर कार्यरत गोबरहिया गगहा निवासी देव नारायण का कहना है कि सूडान में भारतीयों की कौन कहे, स्थानीय लोगों को भी अपना जीवन संकट में दिख रहा है। पैरा मिलिट्री फोर्स में किशोर शामिल हो गए हैं और वह बिना कुछ समझे लोगों पर गोलियां बरसा रहे हैं। चारों तरफ भय का माहौल व्याप्त है।
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वतन वापसी की उम्मीद टूट चुकी थी

ओमेगा स्टील में फीडर पद पर कार्यरत ब्रह्मसारी, सिकरीगंज निवासी रामहंस ने कहा कि घर आने की उम्मीद टूट चुकी थी, लेकिन भगवान का शुक्र है कि गांव पहुंच रहे हैं। सरकार ने बहुत मदद की। न केवल काल के गाल से सुरक्षित निकाला बल्कि पूरे सम्मान के साथ घर पहुंचा रही है। अब जिले में ही कोई रोजगार करूंगा। अपना देश नहीं छोड़ूंगा।

भारत माता के लगाए जयकारे
दिल्ली से सहजनवां पहुंचने वाली बस में सूडान से लाए गए गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जनपद के कुल 31 लोग शामिल थे। बस से बाहर निकलते ही उन्होंने भारत माता, वंदे मातरम और मोदी-योगी जिंदाबाद के जयकारे लगाए। अफसरों ने माला पहना कर सभी का स्वागत किया और रेस्त्रां में नाश्ता कराया गया। फिर सभी को वाहनों से उनके घर भेजा गया। इस अवसर पर एडीएम वित्त व राजस्व राजेश सिंह, एसडीएम सुरेश राय, जिला आपदा अधिकारी गौतम गुप्ता, नायब तहसीलदार अमित सिंह, सूचना अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

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गोरखपुर-बस्ती मंडल के इन नागरिकों की हुई सूडान से वापसी
देवरिया : विनोद शाह, जितेंद्र गुप्ता, जितेंद्र कुमार चौरसिया, विकास प्रसाद, अजय कुमार कनौजिया, रविंद्र कुमार निषाद, दशरथ कुशवाहा, अर्जुन यादव, सत्य प्रकाश यादव, नागेंद्र निषाद, प्रमोद कुमार यादव, संतोष चौरसिया।

कुशीनगर : राणा प्रताप सिंह, राकेश यादव, विनोद कुमार शर्मा, मुरारी शर्मा, जितेंद्र सिंह, उमेश यादव, सतीश शर्मा, संतोष राजभर, राघवेंद्र यादव, बाबूलाल शर्मा, दिलीप गुप्ता, धर्मेंद्र मिश्रा, खुशबूद्दीन अंसारी।

गोरखपुर : मनीष गुप्ता, विजय बहादुर सिंह,, रामहंस, देवनारायण, जनार्दन त्रिपाठी।

सिद्धार्थनगर : महेंद्र।
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