- शरीर में कोई ऐसा दाग-धब्बा जो सुन्न रहता है वह कुष्ठ रोग हो सकता है।
- यह रोग लैपरी नामक माइक्रो बैक्टीरिया से होता है जो बहुत धीमी गति से संक्रमण करता है।
- अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो इलाज हो सकता है।
- यह हेल्दी कांटैक्ट से नहीं फैलता है। इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे में तभी होता है, जबकि वह 16 से 18 घंटे प्रतिदिन कई महीनों तक रोगी के निकट संपर्क में रहे।
जिले में 172 कुष्ठ रोगी
जिले में इस समय कुष्ठ के 172 सक्रिय रोगी हैं। निजी क्षेत्र में इलाज कराने पर कुष्ठ रोगी को 2500-3000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जबकि सरकारी क्षेत्र में यह सुविधा निशुल्क है।