वित्त वर्ष 2020-21 में क्रय केंद्रों पर तीन लाख रुपये का गेहूं-धान बेचने वाले 278 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक किसान जांच में पात्र पाए गए हैं। पूर्ति विभाग इन किसानों के राशनकार्ड रद्द नहीं करेगा। 895 किसान संपन्न पाए जाने पर उनके राशनकार्ड निरस्त कर दिए गए। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से ऐसे पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक किसानों की सूची तैयार कराई गई थी जिन्होंने सरकारी खरीद केंद्रों में तीन लाख से अधिक का खाद्यान्न बेचा था। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की मदद से आधार आईडी मैच कर जांच की थी। जांच में गोरखपुर जिले के 1236 किसान ऐसे पाए गए थे कि जिन्होंने बीते वित्त वर्ष तीन लाख रुपये का खाद्यान्न बेचा।
प्रदेश मुख्यालय की ओर से जांच करा इन किसानों के पात्र गृहस्थी राशन कार्ड निरस्त करने का निर्देश दिया गया था। जिला पूर्ति विभाग की ओर से स्थलीय सत्यापन कराया गया था। सत्यापन में 63 नाम दूसरे जिलों के किसानों के पाए गए। बचे हुए 1173 किसानों में 895 संपन्न पाए गए। इनके राशन कार्ड निरस्त किए गए। 278 किसान ऐसे पाए गए जिन्होंने तीन लाख रुपये का खाद्यान्न तो बेचा था लेकिन उनकी वास्तविक आय पचास हजार रुपये से भी कम हुई थी।
इन किसानों ने फसल बुआई के लिए खाद, बीज, सिंचाई आदि के लिए कर्ज लिया था। खाद्यान्न की बिक्री के बाद कर्ज की रकम चुकाने के बाद उनकी वास्तविक आय पचास हजार रुपये से भी कम आंकी गई। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे जिले में राशनकार्ड धारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त किए जा रहे हैं जबकि पात्र पाए जाने वाले परिवारों के राशनकार्ड बनाए जा रहे हैं।
राशन कार्ड पात्रता की यह हैं शर्तें
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए परिवार में चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर व पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर नहीं होना चाहिए। लाभार्थी आय करदाता न हो, परिवार में किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्य के नाम पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि न हो। परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस न हों। समस्त सदस्यों की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख रुपये तथा शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये से अधिक न हो। शहरी क्षेत्र में परिवार के पास 100 वर्गमीटर से अधिक आवासीय प्लॉट या 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक का व्यावसायिक भू-भाग न हो।