गोरखपुर में केवल 17 दिनों में सरिया की कीमतों में सात हजार रुपये प्रति टन इजाफा हो गया है। सितंबर में सरिया का दाम 54,700 रुपये प्रति टन था। अक्तूबर में सरिया का दाम बढ़कर 62 हजार रुपये प्रति टन हो गया है। इसी तरह सीमेंट की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। बाजार के जानकारों के अनुसार आने वाले समय में इनके दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
खुद का घर, मकान और दुकान बनाने वालों की जेब पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है। पिछले कुछ दिनों में घर बनाने के अहम सामानों में शामिल सरिया और सीमेंट की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। सरिया और सीमेंट की कीमतों में यह बढ़ोत्तरी वैश्विक बताई जा रही है। चीन में गंभीर बिजली संकट के अलावा लौह अयस्क के उत्पादन में कमी की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लौह अयस्क की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसका असर सरिया की कीमतों में दिखाई दे रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी सभी चीजों की कीमतों में होगी बढ़ोत्तरी
सामान्य तौर पर हार्डवेयर संबंधी सभी उत्पाद कच्चे लोहे से तैयार होते हैं। वहीं मकान, सड़क, पुल, बिजली के खंभे समेत अन्य उत्पादों के निर्माण में लोहे की जरूरत पड़ती है। ऐसे में लौह अयस्क की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत इजाफा होने से इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी सभी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाती है। लोहे और स्टील से बनी सभी चीजें महंगी हो जाएंगी। सरिया, कील, जालियां समेत घर में इस्तेमाल होने वाली लोहे और स्टील की चीजें महंगी हो जाएंगी।
आम आदमी के पॉकेट पर पड़ेगी मार
मध्यम वर्ग के उन लोगों के लिए सरिया की बढ़ी कीमतें भारी पड़ने वाली हैं, जो खुद का आशियाना बनाना चाह रहे हैं। ऐसे में घर बनाने के बजट में लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हो जाएगी।
डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब सरिया की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इस वजह से लोहे और स्टील से बनने वाले सभी उत्पाद महंगे हो जाएंगे। डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों की वजह से परिवहन में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। - आरएन सिंह, उद्यमी, गीडा
सरिया-थोक व्यापारी गौरव जिंदल ने बताया कि पिछले 17 दिनों में सरिया की कीमतों में करीब सात हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 25 सितंबर को सरिया की कीमत प्रति टन 54,700 रुपये थी। 11 अक्तूबर को बढ़कर 62 हजार रुपये हो गई। इसके अलावा सीमेंट की कीमतों में प्रति बैग 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।