पुस्तकालय में हर तरह की पुस्तकें मौजूद हैं। भाषा के अलावा साहित्य, बाल साहित्य, इतिहास, खेलकूद एवं स्वास्थ्य, धर्म-कर्म, नॉवेल, कानून की पुस्तकें भी हैं।
यह भी जानें
- कोई भी व्यक्ति पुस्तकालय का सदस्य बन सकता है
- 15 दिन के लिए मिलती हैं अधिकतम दो पुस्तकें
- जमा न करने पर रोजाना दो रुपये विलंब शुल्क देना होगा
- वाचनालय में पढ़ने के लिए दो घंटे का समय मिलेगा
कार्ड बनवाने के लिए जरूरी
- पासपोर्ट साइज की एक फोटो
- टिकट साइज की दो फोटो
- आधार कार्ड की छायाप्रति
- पांच सौ रुपये धरोहर राशि।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत पंजीकृत विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था है। लेकिन लॉकडाउन में पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई में दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। योजना के तहत पंजीकृत छात्रा साक्षी पांडेय ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप पर स्टडी मैटेरियल दिया जा रहा है लेकिन बहुत सारे ऐसे बिंदु हैं जिनका समाधान संवाद से ही संभव है। आमने-सामने पढ़ाई में ज्यादा सहूलियत थी। वहीं रवि राव कहते हैं ऑनलाइन पढ़ाई से तैयारी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है। जो मैैटेरियल हैं वह काफी नहीं है।
राजकीय जुबिली पुस्तकालय के प्रभारी गौरव जायसवाल ने कहा कि पुस्तकों का ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम चल रहा है। करीब 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। बाहर गैलरी में एक कंप्यूटर भी लगाया जाएगा ताकि विद्यार्थी खुद अपनी पसंद की पुस्तकों को सर्च कर लें और उन्हें खोजने में आसानी हो।