प्रदेश के सभी तकनीकी कॉलेजों को तीन विश्वविद्यालयों से संबद्ध किया जाएगा। शासन स्तर पर इसका खाका तैयार हो गया है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) से पूर्वांचल के पांच से सात मंडलों के करीब 225 कॉलेजों को संबद्ध् करने की योजना है। शासन द्वारा मांगे गए फीडबैक को एमएमएमयूटी ने भेज दिया है।
अबुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से अभी प्रदेश भर के 750 से ज्यादा तकनीकी कॉलेज संबद्ध हैं। इससे एकेटीयू पर काम का दबाव ज्यादा है। ऐसे में अब सभी कॉलेजों को क्षेत्रवार तीन विश्वविद्यालयों से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया है। एकेटीयू के अलावा अब एमएमएमयूटी और एचबीटीयू (हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय कानपुर) से कॉलेजों को जोड़ा जाएगा।
शासन स्तर से पत्र भेजकर एमएमएमयूटी और एचबीटीयू से संबद्धता से होने वाले फायदे और नुकसान पर फीडबैक मांगा गया था। एमएमएमयूटी ने बिंदुवार इस पर जानकारी उपलब्ध करा दी है। संबद्धता होने से कुशीनगर से लेकर वाराणसी तक तकनीकी कॉलेजों के प्रबंधन को लखनऊ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एमएमएमयूटी में संबद्धता का प्रावधान नहीं, संशोधन करना होगा
संबद्धता को लेकर एक तकनीकी दिक्कत भी है। विश्वविद्यालय के परिनियमावली में इसका प्रावधान जरूरी है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कॉलेजों को संबद्ध करने का प्रावधान नहीं है। अब संबद्धता को लेकर विधानसभा और विधानपरिषद में इस प्रस्ताव को लाकर पास कराना पड़ेगा। उसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति लेनी होगी।
पूर्वांचल के ये मंडल जुड़ सकते हैं
गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, देवीपाटन, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर।