गोरखपुर में भ्रष्टाचार का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनू भटनागर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चितौरा जनपद बहराइच के तत्कालीन चिकित्साधिकारी जेएल सिंघल एवं महिला अस्पताल नानपारा बहराइच की तत्कालीन महिला चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रकांता सिंघल समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े 17 कर्मचारियों को तीन वर्ष के कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था वर्ष 1989-90 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व पोस्टमार्टम सेंटर अस्पताल जिला तथा महिला अस्पताल नानपारा बहराइच में डाक्टर जे एल सिंघल, चंद्रकांता सिंघल, सुशमा पांडेय, आमनी टी, हिकमतुल्लाह, कमलेश्वरी, रमा त्रिपाठी, राजबहादुर, माधुरी यादव, हसीन फातिमा, तारा देवी, राजाराम पांडेय, बिल्किश जहां, जयप्रकाश मिश्र, मुनीब राम, सरोजनी देवी तथा राधेश्याम ने मिलकर साजिश करके महिलाओं एवं पुरुषों की नसबंदी की गई थी। जांच में 200 महिला नसबंदी व 28 पुरुष नसबंदी फर्जी पाए गए। इस प्रकार अभियुक्तों ने अनुचित लाभ कमाया।