दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के निमार्णाधीन भवन के लिए शासन ने 1.73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। बजट जारी होने से अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
विश्वविद्यालय के पुराने वाणिज्य संकाय भवन को गिराकर शोधपीठ का तीन मंजिला भवन बनाया जा रहा है। इसके निर्माण की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 नवंबर 2018 को गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रखी थी।
भवन निर्माण के लिए शासन स्तर पर 28 नवंबर 2018 को 1155.57 लाख की स्वीकृति दी गई थी। सत्र 2020-21 में पांच करोड़ बजट के सापेक्ष एक करोड़ 73 लाख की किस्त जारी की गई है। प्रमुख सचिव मुकेश मुश्राम ने जारी दिशा निर्देश में बजट के आवंटन की शर्त का जिक्र किया है। जिसमें साफ तौर पर निर्माण की गति तेज करने पर जोर दिया गया है।
कहा गया है कि कार्यदायी संस्था के पास दो माह से ज्यादा धनराशि एक मुश्त नहीं रहनी चाहिए। वित्त नियंत्रक द्वारा दो-दो माह के अंतराल पर ही धनराशि को कोषागार से आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी भुगतान के संबंध में कार्यदायी संस्था सक्षम अधिकारी से प्रमाणित कागजात शासन को उपलब्ध कराएगा।