शादी के दिन दूल्हे राजा का रौब ही अलग होता है। ऐसे में शादी के दिन सिर्फ दुल्हन ही नहीं बल्कि दूल्हे के पहनावे पर खास ध्यान देना भी जरूरी है। चाहे थ्री पीस सूट हो या फिर शेरवानी, दूल्हे की पर्सेनालिटी के मुताबिक ही उसका पहनावा उसे शादी की फिल्म का असल 'हीरो' बना सकता है।
आइए जानें, दूल्हे की पोशाक का चयन करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे शादी के दिन दूल्हे राजा वाकई 'मिस्टर परफेक्ट' लगें।
मौके के हिसाब से चुनें विकल्प
दूल्हे के लिए विकल्पों की कमी नहीं है। सूट, कुर्ता पैजामा, शेरवाना, जोधपुरी कुर्ता, बंद गला सूट जैसे तमाम विकल्पों से बाजार भरा पड़ा है। लेकिन आपको किस मौके पर क्या पहनना है, इसके हिसाब से ही विकल्प चुनने होंगे। मसलन, शादी के दिन शेरवानी या जोधपुरी कुर्ता, रिसेप्शन पर सूट या बंद गला सूट जैसे विकल्प हो सकते हैं।
पर्सेनालिटी के हिसाब से पहनें कपड़े
जरूरी नहीं कि जो शेरवानी आपको अगर देखने में अच्छी लगती है तो वह आप पर भी अच्छी लगे। हो सकता है आपके ऊपर शेरवानी से ज्यादा बेहतर कुर्ता पैजामा और सूट अधिक अच्छा लगे। मसलन, लंबे कद के लोगों पर शेरवानी अधिक अच्छी लगेगी जबकि छोटे कद के व्यक्ति पर बंद गला सूट ज्यादा फबेगा। इसीतरह अपनी रंगत के हिसाब से कपड़ों का रंग चुनें।
थोड़ा प्रयोग भी जरूरी
जब दिन आपका है तो आपको सबसे बेहतर तो दिखना ही होगा। ऐसे में पहनावे के साथ थोड़ा प्रयोग करने से क्यों डरना। आप वेस्टर्न के साथ इंडियन वेयर का फ्यूजन भी कर सकते हैं। जैसे, बंद गले के कोट के साथ धोती या फिर पठान सूट के साथ नेहरू जैकेट आदि।
आपको भी आराम मिले
दूल्हे के चेहरे से उसका आत्मविश्वास झलकना चाहिए और यह तभी संभव है जब आप अपने पहनावे में सहज महसूस करें। इसलिए जो भी पहनें उसमें आपको आराम मिलना चाहिए।