प्रतिष्ठित कान फिल्म महोत्सव का आगाज 14 मई को होने जा रहा है। इसमें पायल कपाड़िया की फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' पाम डिओर पुरस्कार (गोल्डन पाम अवॉर्ड) की प्रतिस्पर्धा में शामिल है। पिछले 30 वर्षों में कान के इस सेक्शन में पहुंचने वाली पहली भारतीय फिल्म होगी। आइए जानते हैं पायल के बारे में...
पायल कपाड़िया भारतीय फिल्म निर्माता हैं। वर्ष 2021 में अपनी डॉक्यूमेंट्री 'ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग' के लिए साल 2021 में कान फिल्म फेस्टिवल में पायल को ओइल डी'ओर (गोल्डन आई) अवॉर्ड मिला था। 2017 में, उनकी फिल्म आफ्टरनून क्लाउड्स एकमात्र भारतीय फिल्म थी, जिसे 70 वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के लिए चुना गया था।
2014 में किया डेब्यू
बतौर निर्माता पायल ने 2014 में फिल्म 'वाटरमैलन, फिश एंड हाफ घोस्ट' से डेब्यू किया। यह एक शॉर्ट फिल्म है, जिसका निर्देशन पायल ने किया। इसके बाद इन्होंने कुछ और शॉर्ट फिल्मों का निर्देशन किया। इनमें 'आफ्टरनून क्लाउड्स', 'द लास्ट मैंगो बिफोर द मॉनसून' और 'एंड व्हाट इज द समर सेइंग' शामिल हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने 'ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग' डॉक्यूमेंट्री बनाई। देखना दिलचस्प होगा कि क्या कान में उनकी फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' अवॉर्ड पर कब्जा जमा पाएगी।
किस विषय पर है 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट'?
पायल की फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' एक नर्स के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म में नर्स बनीं लीड किरदार का नाम प्रभा है। फिल्म की कहानी उसी के जीवन के इर्द-गिर्द है। लंबे वक्त से पति से अलग रहने वाली प्रभा को अचानक एक दिन अपने पति का दिया एक तोहफा मिलता है। यहीं से उसकी जिंदगी नया मोड़ लेती है पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
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