छोटे छोटे शहरों से, खाली बोल दोपहरों से झोला उठाकर समंदर के अंदर बसी नगरी मुंबई आ जाने वालों में एक चर्चित नाम उत्तराखंड के शहर खटीमा की माधुरी पांडे का भी है। स्कूली पढ़ाई के दिनों में ही गाने का चस्का लगा और इस चस्के को नई परवाज मिली उनके दिल्ली आने पर और सुखविंदर सिंह व मीका जैसे दिग्गजों का साथ मिलने पर। बड़ी बहन स्टेज पर धमाल मचा रही थी और छोटी बहन अंजलि पांडे का उन्हीं दिनों सेलेक्शन हो गया जी टीवी के एक्टिंग टैलेंट रियलिटी शो ‘सिनेस्टार्स की खोज’ में। दोनों बहनें दिल्ली से मुंबई आईं। अपने अपने काम मे जी जान लगाकर कोशिश की। अंजलि शो की फाइनलिस्ट्स में जगह बनाने में कामयाब रहीं और छोटी बहन की देखा देखी माधुरी ने भी एक दिन कैमरे के सामने आने का मन बना लिया।
इन दिनों छोटे परदे के चर्चित शो ‘मोलकी’ में दिख रही माधुरी पांडे कहती हैं, ‘इस शो में मेरे किरदार का प्रवेश बहुत ही निर्णायक मोड़ पर हुआ है। मैं चांदनी बनी हूं और शो के नायक अमर उपाध्याय के किरदार को पसंद आ जाती हूं। एकता कपूर के इस शो में मेरे किरदार का एक बहुत ही अच्छा ग्राफ हैं और मुझे भरोसा है कि इस किरदार की जिन चुनौतियों को परदे पर निभाने के लिए मैंने हां की है, उससे मेरे प्रशंसकों का भरोसा मुझ पर और मजबूत होगा। छोटे परदे पर भी अब दमदार किरदार लिखे जा रहे हैं और चांदनी भी वैसा ही किरदार है।’
‘मोलकी’ से ठीक पहले माधुरी एक और चर्चित शो ‘नागिन 3’ में भी नजर आ चुकी हैं। टेलीविजन पर सिक्का जमाने के बाद क्या उनका अगला कदम ओटीटी होगा? ये पूछने पर माधुरी अपने मन की बात कहती हैं, ‘ओटीटी के लिए मेरे पास नित नए प्रस्ताव आते रहते हैं। लेकिन, अभी भारत में ओटीटी संक्रमण काल से गुजर रहा है। लोग दर्शकों की रुचियां तलाश रहे हैं, उनकी थाह ले रहे हैं। साथ ही वे ये भी देख रहे हैं कि डिजिटल पर बोल्ड कंटेंट के सहारे एक सीमित दायरे के दर्शकों को ही समेटा जा सकता है। मेरा अनुभव यही कहता है कि ओटीटी पर भी ऐसा कंटेंट खूब लोकप्रिय हो रहा है जिसे पूरा परिवार स्मार्ट टीवी के सामने एक साथ बैठकर देख सके।’
सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के इस बार के विजेता पवनदीप राजन की जीत को लेकर भी माधुरी काफी खुश दिखीं। वह कहती हैं, ‘पहाड़ के लोग जिद के पक्के होते हैं। वह मेहनती भी खूब होते हैं। दूसरों की सेवा करना उनकी मदद करना पहाड़ के लोगों की फितरत में शामिल हैं। संगीत से बड़ी दूसरी कोई सेवा नहीं है। आपका सिर्फ एक सुर हजारों लोगों क सुकून दे जाता है। पवनदीप भी ऐसे ही गायक हैं और संगीत की बरसों तक सेवा करने के चलते मैं ये समझ सकती हूं कि उनको इस बारे में कितनी खुशी मिली होगा। वह अब उत्तराखंड के ब्रांड अंबेसडर हैं। मेरी भी कोशिश यही रहती हैं कि मैं जहां रहूं उत्तराखंड का नाम ऊंचा रखूं।’