फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ramoji Rao: मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे रामोजी राव, पद्म विभूषण समेत कई पुरस्कारों से हो चुके थे सम्मानित

Sat, 08 Jun 2024 02:08 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक रामोजी राव अब इस दुनिया में नहीं रहे। 8 जून को उन्होंने अंतिम सांस ली। मीडिया जगत के अलावा वह अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय थे। उन्हें 2016 में दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। 
विज्ञापन
रामोजी राव - फोटो : एक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मीडिया जगत की मशहूर हस्तियों में से एक दिग्गज व्यवसायी रामोजी राव का शनिवार (8 जून) को निधन हो गया। वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। हॉस्पिटैलिटी, एनबीएफसी, खाद्य और खुदरा स्टोर श्रृंखला जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उनका अतुलनीय योगदान रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हजारों लोगों को दिया रोजगार
रामोजी राव का एक साधारण शुरुआत से सबसे बड़े प्रसारित तेलुगु दैनिक ईनाडु के संस्थापक बनने तक का सफर काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक है।
ईनाडु समाचार पत्र, ईटीवी के विभिन्न चैनल, दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी रामोजी फिल्म सिटी, डॉल्फिन ग्रुप ऑफ होटल्स, मार्गदर्शी चिट फंड, फिल्म निर्माण कंपनी उषाकिरण मूवीज, प्रिया फूड्स उनके द्वारा ही स्थापित की गई थीं। इस फर्मों से उन्होंने हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए। 

किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे रामोजी राव
16 नवंबर 1936 को तटीय आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में जन्म लेने वाले रामोजी राव ने साल 1962 में मार्गदर्शी चिट फंड की शुरुआत की, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना और अन्य राज्यों में ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है। मध्यमवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले रामोजी राव ने 1969 में किसानों के लिए एक पत्रिका 'अन्नदाता' की शुरुआत करके मीडिया क्षेत्र में कदम रखा था। उन्होंने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया था। 

1974 में मीडिया इंडस्ट्री में रखा कदम
1974 में विशाखापत्तनम में उन्होंने ईनाडु समाचार पत्र की शुरुआत की और मीडिया इंडस्ट्री में क्रांति ला दी। यह कई संस्करणों के साथ सबसे अधिक प्रसारित होने वाला तेलुगु दैनिक बना हुआ है। ईनाडु को इस मुकाम तक पहुंचाने में रामोजी राव श्रेय उन्हें ही जाता है। उन्होंने सुनिश्चित किया कि 
समाचार पत्र पाठकों तक देरी से पहुंचने के बजाय सूर्योदय से पहले पहुंचे। सरल तेलुगु भाषा का उपयोग, स्थानीय समाचारों की बढ़ी हुई कवरेज और प्रत्येक जिले के लिए विशेष संस्करणों ने समाचार पत्र को पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

जमकर की लोगों की मदद
प्राकृतिक आपदाओं के बाद ईनाडु राहत कोष से एकत्रित धन से कई राज्यों में स्थायी घर और स्कूल बनाए गए हैं। इंटरनेट के आगमन के साथ ईनाडु द्वारा गढ़े गए कई तेलुगु शब्द तेलुगु शब्दावली का हिस्सा बन गए हैं। दूरदर्शन के बाद ईटीवी उन सैटेलाइट मनोरंजन चैनलों में से एक था जिसने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। ईटीवी कुछ ही समय में एक घरेलू नाम बन गया था। इसके बाद  जल्द ही ईटीवी के अन्य चैनलों का विस्तार हुआ, जिसमें कन्नड़, बंगाली और हिंदी भाषाएं शामिल थीं।

2016 में पद्म विभूषण से हुए थे सम्मानित
रामोजी फिल्म सिटी को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के रूप में मान्यता दी गई है। हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित रामोजी फिल्म सिटी में लगभग सभी भारतीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। रामोजी राव को 2016 में दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें कई अन्य पुरस्कार और विभिन्न विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी मिली थी।
Ramoji Rao: रामोजी राव के निधन पर एनटीआर ने जताया शोक, अपनी पहली फिल्म के निर्माता के लिए लिखा ये भावुक संदेश

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें