चिरंजीवी को गुरुवार, 9 मई को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। तेलुगु मेगास्टार इस साल पद्म विष्णु सम्मान पाने वाले पांच लोगों में शामिल थे। इस साल की शुरुआत में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 132 पद्म पुरस्कार विजेताओं में 68 वर्षीय अभिनेता के नाम की घोषणा की गई थी। उन्हें भारतीय सिनेमा आइकन वैजयंती माला बाली के साथ पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में चिरंजीवी के साथ उनके बेटे राम चरण और बहू उपासना कामिनेनी भी शामिल हुए। जब मेगास्टार राष्ट्रपति से पुरस्कार लेने के लिए मंच पर आए तो जोड़े को उनके लिए जय-जयकार करते देखा गया। पिता को सम्मान मिलता देखकर राम चरण गदगद हो उठे और अब उनका रिएक्शन सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल हो रहा है। चिरंजीवी दक्षिण सिनेमा के शीर्ष सितारों में से एक हैं, जिन्होंने तेलुगु के साथ-साथ हिंदी, तमिल और कन्नड़ में 150 से अधिक फीचर फिल्मों में काम किया है। उनकी कुछ लोकप्रिय फिल्मों में 'रुद्र वीणा', 'इंद्रा', 'टैगोर', 'स्वयं कृषि', 'सई रा नरसिम्हा रेड्डी', 'स्टालिन' और ''गैंग लीडर शामिल हैं। इससे पहले उन्हें 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
चिरंजीवी ने पहले भी इस सम्मान पर प्रतिक्रिया दी है और अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा किया था। उन्होंने कहा, 'यह खबर सुनने के बाद मैं निःशब्द हो गया। मैं वास्तव में अभिभूत, विनम्र और आभारी हूं। यह केवल दर्शकों, मेरे दोस्तों, मेरे सगे भाइयों और बहनों का बिना शर्त प्यार है। मैं इस जीवन और क्षण का ऋणी हूं। मैंने हमेशा अपना आभार व्यक्त करने का हर संभव तरीके से प्रयास किया है। लेकिन, कुछ भी कभी भी पर्याप्त नहीं हो सकता। अपने करियर के पिछले 45 वर्षों में, स्क्रीन पर मैंने अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से आपका मनोरंजन करने की कोशिश की है। मैंने प्रासंगिक सामाजिक और मानवीय कार्यों में भाग लेकर जरूरतमंदों की मदद करने की कोशिश की।'
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वैजयंती माला को कला के क्षेत्र में अपने अहम योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। वैजयंती माला ने साउथ सिनेमा के साथ-साथ बॉलीवुड की जमीं पर भी अपनी सफलता का परचम बुलंद किया है। अभिनेत्री के लिए अगर सर्वगुण संपन्न शब्द का प्रयोग किया जाए तो यह गलत नहीं होगा क्योंकि वैजयंती माला अभिनय के साथ-साथ डांस में भी पारंगत हैं। वैजयंती ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 13 साल की उम्र में ही कर दी थी। अभिनेत्री 'वड़कई' फिल्म में सबसे पहले नजर आई थीं। हिंदी सिनेमा में उनके करियर की शुरुआत 1951 में आई फिल्म 'बहार' से हुई थी। आज भी फिल्म ‘देवदास’ में वैजयंती के चंद्रमुखी के किरदार को काफी सराहा जाता है।