किशोर कुमार की समाधि पर छात्र और अध्यापक
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किशोर कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। जाहिर है कि वहां के लोगों का उनसे खास लगाव है। इसी लगाव के चलते विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों और अध्यापकों ने किशोर दा की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान गीत भी गाए गए।
किशोर कुमार ने हिंदी के अलावा मलयालम, बंगाली, कन्नड़, मराठी, असमिया और गुजराती भाषा में भी कई गानें गाए थे। किशोर दा के गाए, दिए जलते हैं फूल खिलते हैं, कोई हमदम ना रहा, एक लड़की भीगी भागी सी, छेड़ों ना मेरी जुल्फें, ओ मेरे दिल के चैन, हमें तुमसे प्यार कितना, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, प्यार दीवाना होता है, मेरे सपनों की रानी, एक अजनबी हसीना से, आपकी आंखों में कुछ, फिर सुहानी शाम ढली और ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे समेत कई गीतों को लोग आज भी सुनते हैं।
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