बेटी ने व्यक्त किया शोक
दुर्गा ने अपनी मां के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा "उनका (मधुरा) योगदान बहुत बड़ा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी मां ने वी. शांताराम पर एक डॉक्यूमेंट्री को अकेले ही लिखा, उसकी परिकल्पना की और उसका निर्देशन भी किया था, जिसकी खूब प्रशंसा भी हुई थी।
कला के क्षेत्र में दिया महत्वपूर्ण योगदान
मधुरा ने कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रसिद्ध फिल्मकार डॉ. वी. शांताराम की बेटी और किरण शांताराम की बहन के रूप में वह कलात्मक प्रभाव से भरपूर माहौल में पली-बढ़ीं। साल 1962 में उन्होंने पंडित जसराज से शादी की थी। वह नाटकों का निर्देशन और आत्मकथाएं लिखने के लिए जानी जाती थीं।
फिल्मों का भी किया निर्देशन
उन्होंने अपने पति पंडित जसराज पर एक जीवनी भी लिखी थी, जिसमें मेवाती घराने से जुड़े एक शास्त्रीय गायक के रूप में उनके शानदार करियर को दर्शाया गया है। संगीत मार्तंड पंडित जसराज (2009) और आई तूजा आशीर्वाद (2010) जैसी फिल्मों का वह निर्देशन भी कर चुकी थीं। मधुरा ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका अंतिम संस्कार 25 सितंबर, 2024 को शाम 4:00 बजे के करीब ओशिवारा श्मशान घाट पर किया जाएगा।
Tirupati Laddu Controversy: पवन कल्याण की फटकार के बाद कार्ति ने मांगी माफी, तिरुपति लड्डू विवाद पर कही यह बात