जब से मोबाइल पर ओटीटी का हल्ला हुआ है, इतनी वेब सीरीज और इतने शोज बनने लगे हैं कि एक को दूसरे से अलग कर पहचानना मुश्किल है। सैक्रेड गेम्स, मिर्जापुर, रंगबाज औऱ अब सिटी ऑफ ड्रीम्स। सब अपराध और राजनीति के बीच फंसी आम जिंदगी को दुह रहे हैं। दर्शक इन सारी सीरीज को पसंद भी कर रहे हैं तो स्टार नेटवर्क के ओटीटी हॉट स्टार ने भी बहती गंगा में एक वेब सीरीज धो ली है।
नागेश कुकुनूर भारतीय मनोरंजन जगत का बड़ा नाम रहा है। ग्लैमर के मुलम्मे से नागेश चौंधियाए न होते तो अब तक विश्व सिनेमा में अपनी जगह बना चुके होते। लेकिन, जैसा हर अच्छे फिल्ममेकर के साथ होता रहा है नागेश ने भी दूसरों के जैसा बनने की कोशिश में अपनी खालिस पहचान गंवा दी। वेब सीरीज मार्केट में भी वह यही कर रहे हैं। उनकी सिटी ऑफ ड्रीम्स बस एक और क्राइम पॉलीटिकल सीरीज है, इससे कोई नया ट्रेंड सेट होने या इसमें कुछ खास होने की उण्मीद दर्शकों को नहीं रखनी चाहिए।
वेब सीरीज सिटी ऑफ ड्रीम्स में ऐसा कुछ नहीं है जो आप पहले देख नहीं चुके हैं। नेता की हत्या होती है। शहर में हड़कंप मचता है। नेता का बेटा और बेटी असमंजस में भी हैं और दुविधा में भी। और, इन सबके बीच है वासिम खान। एक झल्ली टाइप का पुलिस अफसर। जिसका मुस्लिम होना, निर्देशक का अपना दृष्टिकोण है।
एजाज खान की छोटे परदे पर भले फैन फॉलोइंग तगड़ी रही हो लेकिन वेब सीरीज में उन्हें देखना चुनौती भरा काम है। अतुल कुलकर्णी का सिक्का जितना हिंदी सिनेमा में चलना था, लोग चला चुके। अब वह जंगली जैसी फिल्में करते दिखते भी हैं तो कोई गौर नहीं करता। हां, प्रिया बापट इस सीरीज की खोज कही जा सकती हैं। इस किरदार से जो कुछ उम्मीदें बनती हैं, वह एपीसोड दर एपीसोड उन पर खरी उतरती जाती हैं।