डिजिटल रिव्यू: बारिश (वेबसीरीज)
कलाकार: शरमन जोशी, आशा नेगी, प्रिया बनर्जी, बेनाफ पटेल, साहिल श्रॉफ, शुभांगी लाटकर, विक्रम सिंह चौहान आदि।
क्रिएटिव डायरेक्टर: बलजीत सिंह चड्ढा। संवाद: रघुवीर शेखावत
ओटीटी: ऑल्ट बालाजी
बालाजी टेलीफिल्म्स का नाम टीवी सीरियल बनाकर ही हुआ है। फिल्में भी इस प्रोडक्शन हाउस ने खूब बनाईं, लेकिन ओटीटी मार्केट में ऑल्ट बालाजी का सफर दो कदम आगे, चार कदम पीछे वाला ही अब तक रहा है। इसे लगातार कंटेंट बनाने का दबाव कह लें या फिर प्रोडक्शन हाउस का डीएनए, ऑल्ट बालाजी की नई वेब सीरीज बारिश बीस साल पहले की घर घर की कहानी लगती है।
अमीरी और गरीबी का संघर्ष परदे पर इस दौर में लोगों को नहीं भाता। बालाजी के लेखकों को या तो बदलते इंडिया की हकीकत नहीं पता या फिर उन्हें लगता है कि सिर्फ प्रोडक्शन हाउस के नाम से दर्शक कुछ भी देखने को तैयार रहेंगे। गंदी बात जैसी पॉर्न सीरीज बनाकर हिट्स पा लेना अलग बात है, सुधी दर्शकों के लिए कुछ दमदार बनाकर व्यूज लाना इससे ठीक अलग बात।
बारिश कहानी है जेवरात की दुकान में काम करने वाली एक लड़की की जिसे दो छोटे भाई बहन पालने हैं। मालिक से उसकी शादी हो जाती है। और, कहानी शुरू हो जाती है। कहानी में ट्विस्ट डालने के लिए जो किरदार लिखे गए हैं, वे इसके हिचकाले बन जाते हैं। न कहानी कहीं पहुंच पाती है और न ही इसके किरदार।
शरमन जोशी जैसे काबिल कलाकार ने इस सीरीज को लगता है सिर्फ पैसों के लिए ही चुन लिया। वरना, उनके प्रशंसकों को उनके कहीं ज्यादा बेहतर काम की उम्मीद रहती है। आशा नेगी महाराष्ट्रियन लड़की के किरदार में लड़खड़ाती दिखती हैं, कहीं से भी मराठी शैली या भाव भंगिमा उनके अभिनय में नहीं दिखती। प्रिया और साहिल के ट्रैक भी कहानी की खानापूरी से आगे कुछ नहीं कर पाते। शोले गर्ल, मेड इन हैवेन, मिर्जापुर और रंगबाज के दौर में ओटीटी के लिए बारिश जैसी सीरीज वाकई बहुत पीछे की सोच है।