डिजिटल रिव्यू: मिक्सटेप सीजन 2 (एपिसोड 6)
कलाकार: जुबिन नौटियाल, शिरले सेतिया, अभिजीत वाघानी
निर्देशक: अहमद खान
यूट्यूब चैनल: टी सीरीज
कोक स्टूडियो और एमटीवी अनप्लग्लड ने संगीत पसंद करने वालों को उनके पसंदीदा गानों को देखने, सुनने का एक नया नजरिया दिया। टी सीरीज ने इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मिक्सटेप बनाया। मिक्सटेप का कॉन्सेप्ट अच्छा है लेकिन दूरदर्शन के कार्यक्रम फोकस्टार्स में एक ही राग या एक ही धुन के अलग अलग भाषाओं के गानों को सजाने का जो प्रयोग हो चुका है, मिक्सटेप वैसी कोशिश करता नहीं दिखता। ये कार्यक्रम एक क्लासिक सीरीज बन सकता है अगर इसमें थोड़ी रिसर्च और थोड़ी मेहनत और घोल दी जाए।
टी सीरीज के पास गानों के राइट्स का समंदर है। इस समंदर से पुरानी लहरें निकालकर उनके नए ज्वार भाटे बनाने की कोशिश अरसे से चल रही है। लेकिन, कोई सही कॉन्सेप्ट अभी तक टी सीरीज की पकड़ में नहीं आया है। मिक्स टेप का सेट कोक स्टूडियो जैसा लगता है और म्यूजिक का टेग अनप्लग्ड जैसा। सिंगर सारे टी सीरीज के अपने हैं। तो फिर नया क्या है? इसका जवाब जितनी जल्दी शिवम चानना और सोनल चावला की टीम ढूंढ लेती है, उतना ही इसका भविष्य अच्छा होगा।
सीजन वन से मिक्सटेप की चर्चा खूब हुई। लेकिन, इस सीरीज में लगातार सुनने जैसा कुछ खास नहीं है। दूसरे सीजन में इसके ऑडियो राइट्स प्राइम म्यूजिक ने ले लिए हैं। वीडियो टी सीरीज के यूट्यूब चैनल पर दिख रहे हैं। सोमवार को रिलीज हुए इस छठे एपीसोड में जुबिन की जुगलबंदी शिरले सेतिया के साथ बनी है। गाने जो लिए गए हैं वे हैं इक वारी, तुम हो तो और नादान परिंदे।
फिल्म रॉक स्टार का हर गाना क्लासिक है। मोहित चौहान, इरशाद कामिल और ए आर रहमान की तिकड़ी के गाने को मिक्सटेप में बजाने का फैसला यहां गलत है। इस फिल्म का साउंडट्रैक अपने आप में मिक्सटेप है। दूसरे जुबिन नौटियाल की आवाज भी ऊंचे सुर लगाने पर खरखराने लगती है। अब हर कोई मोहित चौहान तो नहीं हो सकता ना। मिक्सटेप का दूसरा सीजन वैसे भी पहले के मुकाबले हल्का है।