-निर्माताः संगीता अहीर/भंडारकर एंटरटेनमेंट
-निर्देशकः मधुर भंडारकर
-सितारेः आकांक्षा पुरी, अवनी मोदी, कायरा दत्ता, रूही सिंह, सतरूपा पायने, रोहित रॉय
रेटिंग **
कई बार आपकी पहचान ही मुश्किल बन जाती है। पेज थ्री, कारपोरेट, फैशन और हीरोइन जैसी फिल्मों में मधुर ने जो दिखाया उसकी छवियां बार-बार कैलेंडर गर्ल्स में नजर आती है। यही इस फिल्म की मुश्किल है।
पेशेवर कैलेंडर गर्ल्स की अपनी त्रासदियां हो सकती हैं लेकिन ले-देकर उनके करिअर के लंबे रास्ते व्यावसायिक ग्लैमर की गलियों से गुजरते हैं और मधुर इनकी हकीकतें पहले ही पर्दे पर उतार चुके हैं। ऐसे में फिल्म में नया क्या है, यह ढूंढने की मशक्कत खुद दर्शक को करनी पड़ती है।
अगर मधुर के सिनेमा से आप परिचित नहीं हैं तो यह फिल्म आपको ग्लैमरस शॉक दे सकती है। परंतु सिनेमा के ऐसे शौकीन शायद ढूंढने से भी न मिलें जिन्होंने मधुर की फिल्में न देखी हों। फिल्म मध्यम और मैट्रो शहरों की उन लड़कियों की कहानी है, जो ग्लैमर के चमकीले संसार की ओर पतंगे-सी खिंची जाती हैं।
मधुर ने इस बार कैलेंडर गर्ल्स के बहाने इन लड़कियों का जीवन दिखाया है। कैसे कोई हार जाती है और कैसे कोई जीत कर भी हारती हुई दिखाई देती है। कुल जमा यह भाव आपके जेहन में आता है कि ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है..!