मंदिरा बेदी अपनी बेटी तारा से बहुत प्यार करती हैं। वे कहती हैं, 'आप खुद सोचिए एक बच्चा जो कभी कार में नहीं बैठा था वह प्राइवेट जेट में पहली बार बैठ रहा है। यह सब पहले से ही किस्मत में लिखा हुआ था। तारा को देखकर पहली बार में मुझे लग गया था कि यही मेरी बेटी है।
टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री मंदिरा बेदी हमेशा से ही अपने बोल्ड और खूबसूरत अंदाज के लिए मशहूर हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में जो भी फैसले लिए हैं वह सेट पैटर्न से काफी अलग है। हाल ही में अभिनेत्री ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी बेटी तारा को गोद लेने के दौरान हुए संघर्षों को याद किया। साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उनका बेटा अब तारा को अपना चुका है।
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मैं दूसरा बच्चा गोद लेना चाहती थी
मंदिर बेदी ने जब अपने बेटे वीर को जन्म दिया था तभी उन्होंने सोच लिया था कि वे दूसरे बच्चे को गोद लेंगी। इस विषय में बातें करते हुए मंदिरा कहती हैं, 'ये मैंने और राज ने काफी पहले ही तय कर लिया था कि हम दूसरे बच्चे को गोद लेंगे, लेकिन किसी न किसी वजह से वह टलता ही जा रहा था। फिर जब हमने प्रॉसेस शुरू किया तो कागजी करवाई में कई साल लग गए'।
प्राइवेट जेट से बेटी को घर लाईं
मंदिर बेदी अपनी बातें जारी रखते हुए कहती हैं, 'तब मेरा बेटा वीर लगभग छह साल का था और जब तारा घर आई तब वह नौ साल का हो गया था। मैं समझती हूं कि कागजी करवाई में वक्त लगता ही है। एक दिन मैंने राज से कहा अब बहुत हो गया है मुझे अभी ही दूसरा बच्चा चाहिए। उन दिनों कोरोना महामारी फैली हुई थी। राज जबलपुर गए और उन्होंने सारी कागजी करवाई को पूरा किया और हम प्राइवेट जेट से तारा को घर लेकर लौटे थे'।
तारा का हमारी जिंदगी में आना लिखा था
मंदिरा बेदी अपनी बेटी तारा से बहुत प्यार करती हैं। वे कहती हैं, 'आप खुद सोचिए एक बच्चा जो कभी कार में नहीं बैठा था वह प्राइवेट जेट में पहली बार बैठ रहा है। यह सब पहले से ही किस्मत में लिखा हुआ था। तारा को देखकर पहली बार में मुझे लग गया था कि यही मेरी बेटी है। पहले तो वीर को थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन बाद उसने भी तारा को अपना लिया। अब सबसे ज्यादा वही उसकी केयर करता है'।