विजय सेतुपति की हालिया रिलीज फिल्म 'महाराजा' बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इस बीच एक इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि एक खलनायक के तौर पर उन्हें पर्दे पर क्या चीज है, जो करना पसंद नहीं आता। जिसका जवाब काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
विजय सेतुपति दक्षिण भारतीय फिल्मों के जाने-माने कलाकार हैं। वह मुख्य रूप से तमिल फिल्मों के अभिनेता हैं, लेकिन उन्होंने तेलुगु,मलयालम और हिंदी फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया है। अपने करियर में अब तक उन्होंने पचास से भी अधिक फिल्मों में काम किया है। इस दौरान उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा गया है। हाल में ही उनकी फिल्म 'महाराजा' रिलीज हुई है। इसे तमिलनाडु और तेलुगु राज्यों में काफी पसंद किया जा रहा है।
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'महाराजा' ने अब तक बटोरे 50 करोड़ रुपये
विजय सेतुपति की हालिया रिलीज फिल्म महाराजा बॉक्स ऑफिस पर पचास करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है। फिल्म अभी भी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अभिनेता इस फिल्म का प्रमोशन लगातार कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक अपनी फिल्म को पहुंचा सकें। इस दौरान वह लगातार इंटरव्यू भी दे रहे हैं। हाल में ही एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि बतौर खलनायक वो कौन सी चीज है, जो उन्हें स्क्रीन पर करना पसंद नहीं है।
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खलनायक में भी कुछ नैतिकता होनी चाहिए
विजय सेतुपति कई फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभा कर दर्शकों का दिल जीत चुके हैं। ऐसे में जब उनसे पूछा गया कि खलनायक की कौन सी बात उन्हें पसंद नहीं आती, तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके लिए खलनायक की भूमिका में भी कुछ नैतिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा," बहुत सी चीजे हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कहानी कैसे बतायी जा रही है। लोग किसी भी तरह की कहानी बता सकते हैं, लेकिन उसमें नैतिकता होनी चाहिए। अभिनेता ने इसमें आगे जोड़ते हुए कहा कि उनकी भूमिका से किसी की भावनाएं भी आहत नहीं होनी चाहिए।"
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अभिनेता ने आगे कहा कि किसी भी किरदार को लेकर अभिनेता और निर्देशक की राय और भावनाएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन जब एक फिल्म बनाई जाती है, तो वह सबके लिए होती है। उन्होंने कहा कि फिल्मों को बहुत सावधानी से बनाए जाने की जरुरत है। अभिनेता ने उदाहरण देते हुए कहा," हमें अंधविश्वासों का समर्थन नहीं करना चाहिए। कभी-कभी, हमें अच्छाई साबित करने के लिए बुरी चीजें दिखाने की जरूरत पड़ती है, लेकिन इसमें भी कुछ नैतिकताएं होनी चाहिए, क्योंकि सिनेमा लोगों को प्रभावित कर सकता है।"
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