फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM Modi: अमेरिका में पीएम मोदी के चलो इंडिया पहल का जश्न, प्रदर्शित हुई दीक्षितार पर आधारित डॉक्यूमेंट्री

Sat, 09 Mar 2024 12:20 PM IST
आकांक्षा गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

मुथुस्वामी दीक्षितार एक भारतीय कवि, गायक, वीणा वादक और भारतीय शास्त्रीय संगीत के संगीतकार थे। कर्नाटक संगीत की संगीत त्रिमूर्ति में से उन्हें एक माना जाता है। 
विज्ञापन
मुत्तुस्वामी दीक्षितार - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा कैंपेन' का दुनिया भर के भारतीय दूतावासों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसका उत्सव मनाने के लिए प्रतिष्ठित संगीतकार मुथुस्वामी दीक्षितार की डॉक्यूमेंट्री फिल्म को अमेरिका के भारतीय दूतावास में प्रदर्शित किया गया। यह डॉ. कृष्णमूर्ति कन्निकेश्वरन द्वारा बनाई गई थी, जिसे कन्निक के नाम से जाना जाता है। मुथुस्वामी दीक्षितार की आवाज में एक अलग जादू था, जो सभी को मंत्रमुग्ध कर देती है। इसके चलते कई बार उन्हें जादुई संगीतकार भी कहा जाता है।

विज्ञापन

कौन थे मुत्तुस्वामी दीक्षितार

तमिलनाडु के तिरुवरूर में जन्मे मुथुस्वामी दीक्षितार एक भारतीय कवि, गायक, वीणा वादक और भारतीय शास्त्रीय संगीत के संगीतकार थे। कर्नाटक संगीत की संगीत त्रिमूर्ति में से उन्हें एक माना जाता है। उन पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म दीक्षितर 1775 से 1835 तक भारत में पश्चिमी धुनों को संस्कृत गीतों में बदलने पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय प्रवासियों को अतुल्य भारत के राजदूत बनने और भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करने के लिए 'चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा अभियान' शुरू किया। 

Oscar: जब पहली बार किसी भारतीय गाने को मिला ऑस्कर, दुनियाभर में झूमकर नाचे लोग

विज्ञापन

दीक्षितार पर फिल्म को लाने का उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय प्रवासियों को अतुल्य भारत के राजदूत बनने और भारत में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करने के लिए 'चलो इंडिया ग्लोबल डायस्पोरा अभियान' शुरू किया। यह पीएम मोदी के प्रवासी भारतीयों से कम से कम पांच गैर-भारतीय मित्रों को भारत की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करने के आह्वान पर आधारित है। चेन्नई में जन्मे कन्निकेश्वरन ने कहा कि दीक्षितार पर फिल्म लाने का उद्देश्य दुनिया के सामने भारत के सांस्कृतिक इतिहास का वह हिस्सा लाना था, जिसके बारे में दुनिया नहीं जानती।

विज्ञापन

इन भाषाओं पर आधारित हैं कई भारतीय साहित्य

उन्होंने कहा, 'भारत में बहुत से लोग यह भी नहीं जानते हैं कि दीक्षितार का अस्तित्व क्या था। मुझे यकीन है कि जब हम इतिहास में गहराई से जाएंगे, तो ऐसी बहुत सी ऐतिहासिक बातें सामने आएंगी और हमें उन सभी को मनाया जाना चाहिए। उन्हें प्रकाशित किया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'हम हमेशा से जानते हैं कि तमिल, मलयालम और संस्कृत प्राचीन भारतीय भाषाएं हैं। इन भाषाओं में कई भारतीय साहित्य, भारतीय कविता, भारतीय संगीत आधारित हैं।' 

Siddhant Chaturvedi: 'ब्रह्मास्त्र' ठुकराने पर ब्लैक लिस्ट हो गए थे सिद्धांत, एक्टर के खुलासे से सभी हैरान

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें