वर्धन पुरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में ओटीटी सेंसरशिप के मुद्दे पर खुलकर बात की। अभिनेता ने कहा, 'मैं सभी की राय का सम्मान करता हूं। लेकिन व्यक्तिगत रूप से मेरे विचार अलग हैं। मुझे लगता है कि अगर कोई सेंसरशिप होगी, तो क्रिएटिविटी मर जाएगी। मैं सेंसरशिप का विरोध करता हूं। मैं सर्टिफिकेशन में विश्वास करता हूं, निर्देश दिए जा सकते हैं, लेबल तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन बड़े होने के नाते हर किसी के पास यह चुनने की पावर होनी चाहिए कि वे क्या देखना चाहते हैं। मैं किसी भी तरह की सेंसरशिप के पक्ष में नहीं हूं, खासकर ओटीटी पर तो बिल्कुल भी नहीं।'
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'ये साली आशिकी' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले वर्धन पुरी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'सर्टिफिकेशन ठीक है, लेकिन किसी भी चीज के किसी हिस्से को काट देना, किसी कंटेंट को उसकी भाषा या अश्लीलता के कारण रिलीज नहीं होने देना मुझे समझ नहीं आता है। नियम होना ठीक है, लेकिन सेंसरशिप नहीं। आपको यह नियंत्रित करना होगा कि कौन सामग्री देखने में सक्षम है क्योंकि ऐसे नाबालिग भी हैं, जो इस तरह की सामग्री देखते हैं। लेकिन, लोगों के लिए यह तय करना कि उनके लिए क्या देखना ठीक है, मुझे लगता है, यह रिडिक्युलस है।'