कंगना के बयान को बताया बचकाना
मुकेश खन्ना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कंगना की तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, ‘कई लोगों ने सोशल मीडिया पर मुझसे ये सवाल पूछा कि आपने देश के इंडिपेंडेस पर किए गए कटाक्ष पर कोई टिप्पणी क्यों नहीं दी। लेकिन मैं बता दूं कि मैं कहा चुका हूं लेकिन शायद उसे पढ़ा नहीं गया। तो मैंने सोचा पब्लिक के सामने ही कह दूं। मेरे हिसाब से ये स्टेटमेंट बहुत ही बचकाना, हास्यपद और चापलूसी प्रेरित था।
ये उनकी अज्ञानता को दर्शाता है
मुकेश खन्ना ने आगे कैप्शन में लिखा, ‘अज्ञानता को दर्शाता है या पद्म अवॉर्ड का साइड इफेक्ट है मैं नहीं जानता। ये बात सब जानते हैं कि हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था। इसको अलग जामा पहनाने की कोशिश करना भी किसी के लिए मूर्खता से कम नहीं होगा। इसी के साथ मुकेश खन्ना ने लिखा, ‘पर यहां मैं ये खुलासा भी करना चाहूंगा कि ये कहना या गाना कि, ‘दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल.. भी वास्तविकता से उतना ही दूर है जितना ऊपर वाला स्टेटमेंट है।