फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farah Khan: पिता के अंतिम संस्कार के लिए केवल 30 रुपये थे, संघर्ष के दिनों को याद कर फराह खान का छलका का दर्द

Sun, 01 Oct 2023 07:03 PM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

फराह खान ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और बताया कि कैसे उन्हें अपने पिता की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए पैसे इकट्ठे करने पड़े।
विज्ञापन
फराह खान - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फराह खान बॉलीवुड की सबसे मशहूर कोरियोग्राफरों में से एक हैं। साथ ही फराह ने निर्देशक के रूप में कुछ ब्लॉकबस्टर फिल्में भी दी हैं। फराह के पास आज कई उपलब्धियां हैं, लेकिन एक समय था जब उन्होंने अपनी जिंदगी में संघर्ष किया। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने याद किया कि कैसे उन्हें अपने दिवंगत पिता का उचित अंतिम संस्कार करने में सक्षम होने के लिए पैसे इकट्ठा करने पड़े थे।

विज्ञापन


पिता के पास नहीं था कोई काम
फराह ने कहा कि पापा का कोई काम नहीं था तो घर चलाना होता था, तब भी मुझे लगता है कि मैं 18 या 19 साल की थी और पांच साल के बाद हमें वापस भेज दिया गया, जहां हम रहते थे। वह एक स्टोर रूम था, जो हमारे मां का था तो वह ईरान से वापस आने वाले थे तो वह उन्हें देना था। मम्मी ने उन्होंने सी रॉक होटल में हाउसकीपर के रूप में काम करना शुरू कर दिया था।
Jackky Bhagnani: 'सीबीएफसी' के सपोर्ट में आए जैकी भगनानी, विवादों के बीच की फिल्म प्रमाणन बोर्ड की सराहना
विज्ञापन


ताश के पैसे से आता था राशन
फराह ने आगे कहा साजिद और मुझे वापस भेज दिया गया, जहां हम रहते थे। कमाई कुछ भी नहीं थी। मेरे घर पर रोजाना बिल्डिंग वाले ताश खेलने आते थे। उनको एक जगह चाहिए होती थी और सब वहां बैठते थे, छह से सात लोग सब पांच-पांच रुपये की किट्टी डालते थे। वो हमको मिलती थी उस जगह का उपयोग करने के लिए। उससे अगले दिन का हमारा दूध का एक पैकेट और थोड़ी सी दाल आती थी। यह रोज की बात थी, अगर कोई नहीं आया तो अगले दिन राशन नहीं होता था।
विज्ञापन

Rasha Thadani: तेलुगु सिनेमा में डेब्यू के लिए तैयार हैं रवीना टंडन की बेटी राशा, राम चरण के साथ आएंगी नजर!

पिता के अंतिम संस्कार के लिए जमा किए पैसे
फराह ने आगे बताया कि जिस दिन मेरे पिताजी की मृत्यु हुई तो सुबह उनकी जेब में केवल 30 रुपये थे। आखिरी ताश खेली थी उन्होंने तो वो 30 रुपये उनकी जेब में थे। उससे उनकी दारू भी आती थी। फिर हमें उनके अंतिम संस्कार के लिए पैसे इकट्ठा करने पड़े, क्योंकि हमारे पास केवल 30 रुपये थे।
Sunny Deol's Next: सनी देओल-आमिर की फिल्म को लेकर जबर्दस्त उत्साह, ओटीटी प्लेटफॉर्म ने दिया 95 करोड़ का ऑफर!

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें