बात कॉलेज के दिनों की है, जब अनुपम खेर को एक्टिंग का भूत सवार हुआ था। एक दिन अखबार में एक एड निकला था, जिसमें 100 रुपए में एक्टिंग कोर्स की जानकारी दी गई थी। उन दिनों 100 रुपए बड़ी रकम हुआ करती थी। लेकिन घर में आर्थिक समस्या की वजह से वह अपने पिता से एक्टिंग कोर्स के लिए पैसे नहीं मांग सकते थे।
अनुपम ने एक्टिंग में किस्मत आजमाने की सोच ली थी और इस कोर्स को वो हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। उनकी नजर घर के मंदिर पर पड़ी जहां 100 रुपए रखे हुए थे। उन्हें मंदिर से पैसे चुराते हुए अच्छा नहीं लग रहा था। लेकिन उन्होंने खुद को ये कहते हुए समझाया कि कृष्ण भगवान भी मखन चुराते थे। वैसे ही एक्टिंग करने के लिए उन्होंने मंदिर से पैसे चुरा लिए।
अनुपम घर से ये कहकर एक्टिंग के लिए चंड़ीगढ़ इंटरव्यू देने गए थे कि वह पिकनिक पर जा रहे हैं। इतने में घर में कोहराम मच चुका था। मंदिर में 108 रुपयों में से 100 रुपए गायब थे। घर पर पुलिस भी आ गई थी। शाम को अनुपम जब घर पहुंचे तो उनसे सख्ती से पूछा गया। अनुपम का इशारा उनके पिता समझ चुके थे और अगले ही पल उनके गाल पर एक जोरदार तमाचा लग गया। ये तमाता उनकी मां ने रोते हुए अनुपम के गाल पर जड़ा था।
अनुपम ने अपनी मां को चिट्ठी दिखाई कि उनके बेटे का सेलेक्शन हो गया है और पढ़ाई के दौरान हर महीने 200 रुपए का स्टाइपेंड भी मिलेगा। तब पिता ने हालात को संभालते हुए कहा था कि परेशान होने की जरुरत नहीं है, मंदिर के 100 रुपए अब उनका बेटा ही लौटा देगा।
'सारांश' में अनुपम खेर
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अनुपम खेर को उनकी पहली फिल्म 'सारांश' महेश भट्ट ने दी थी। इसके बाद उन्होंने 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 80 के दशक में ही कर्मा, राम लखन और फिर डैडी और 90 के दशक में वो डर, दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे, कुछ कुछ होता है जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आ चुके हैं। उनकी अदाकारी के लिए अनुपम को फिल्मफेयर अवॉर्ड के साथ-साथ राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं।